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अब बिलारी के युवक की बुखार से मौत, डेंगू की आशंका
Updated Sat, 22 Sep 2018 02:52 AM IST
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मुरादाबाद/बिलारी।
कुंदरकी और मूंढापांडे के बाद अब बिलारी ब्लाक के एक युवक की बुखार से मौत हो गई। युवक को गंभीर हालत में मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। युवक को डेंगू की आशंका जताई जा रही है। पिछले एक सप्ताह के भीतर जिले में बुखार से छह लोगों की मौत हो चुकी है। निजी और सरकारी अस्पताल वायरल पीड़ितों से भरे हैं। अस्पतालों की ओपीडी से लेकर वार्ड फुल हैं।
बिलारी ब्लाक के कोतवाली क्षेत्र के मकरंदपुर गांव निवासी अंकित (18) पुत्र नरेश जाटव पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। अंकित पेंटर था और हरियाणा (गुरुग्राम) में रिश्तेदार के साथ काम करता था। गुरुग्राम में ही उसे बुखार की शिकायत हुई। कमजोरी महसूस होने पर अंकित बुधवार को अपने घर मकरंदपुर आ गया। बुखार नहीं उतरने पर परिजनों ने उसे गांव के एक क्लीनिक में दिखाया। हालत बिगड़ने पर मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अंकित की मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक अंकित की प्लेटलेट्स काफी कम आ गई थी। डॉक्टर अंकित को डेंगू आशंकित मान रहे थे। अंकित की मौत से परिवार और गांव में कोहराम मचा है।
जिले भर में वायरल फैला है। कुंदरकी और मूंढापांडे ब्लाक सबसे अधिक प्रभावित है। दोनों ब्लाकों में एक हफ्ते में दो मासूम बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा सेवाएं लड़खड़ाने से मरीज बेहाल हैं। प्राथमिक एवं सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। कइयों में डाक्टर नहीं हैं तो कइयों में जांच की सुविधाएं नहीं हैं। मरीजों को मुरादाबाद के सरकारी और निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है। निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से भरी है। जिला अस्पताल में मरीजों का सबसे अधिक दबाव है। अस्पताल में 187 बेड हैं। बेड के सापेक्ष 240 मरीज भर्ती हैं। इसी तरह बच्चा वार्ड 18 बेड के सापेक्ष 24 बच्चों को भर्ती किया है। शुक्रवार को मुहर्रम अवकाश पर दोपहर 12 बजे तक अस्पताल की ओपीडी खुली। हालांकि, मुहर्रम के चलते ज्यादा भीड़ नहीं रही।
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स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ सुलग रहा आक्रोश
मुरादाबाद। बाढ़ से प्रभावित ब्लाकों के गांवों में संक्रामक बीमारियां जानलेवा हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर नहीं लगाए हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीण मुख्य चिकित्साधिकारी को शिविर लगाने की गुहार लगा चुके हैं। ब्लाक क्षेत्रों में सामुदायिक और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र हैं। केंद्रों में चिकित्सा सेवाएं बदहाल हैं। मजबूरी में मरीज निजी और सरकारी अस्पताल मुरादाबाद आ रहे हैं। बुखार से बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। कुंदरकी, मूंढापांडे के बाद बिलारी के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने सीएमओ से चिकित्सा शिविर लगाए जाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने कहा कि बुखार से पीड़ित मरीज मुरादाबाद तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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कुंदरकी और मूंढापांडे के बाद अब बिलारी ब्लाक के एक युवक की बुखार से मौत हो गई। युवक को गंभीर हालत में मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। युवक को डेंगू की आशंका जताई जा रही है। पिछले एक सप्ताह के भीतर जिले में बुखार से छह लोगों की मौत हो चुकी है। निजी और सरकारी अस्पताल वायरल पीड़ितों से भरे हैं। अस्पतालों की ओपीडी से लेकर वार्ड फुल हैं।
बिलारी ब्लाक के कोतवाली क्षेत्र के मकरंदपुर गांव निवासी अंकित (18) पुत्र नरेश जाटव पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। अंकित पेंटर था और हरियाणा (गुरुग्राम) में रिश्तेदार के साथ काम करता था। गुरुग्राम में ही उसे बुखार की शिकायत हुई। कमजोरी महसूस होने पर अंकित बुधवार को अपने घर मकरंदपुर आ गया। बुखार नहीं उतरने पर परिजनों ने उसे गांव के एक क्लीनिक में दिखाया। हालत बिगड़ने पर मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अंकित की मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक अंकित की प्लेटलेट्स काफी कम आ गई थी। डॉक्टर अंकित को डेंगू आशंकित मान रहे थे। अंकित की मौत से परिवार और गांव में कोहराम मचा है।
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जिले भर में वायरल फैला है। कुंदरकी और मूंढापांडे ब्लाक सबसे अधिक प्रभावित है। दोनों ब्लाकों में एक हफ्ते में दो मासूम बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा सेवाएं लड़खड़ाने से मरीज बेहाल हैं। प्राथमिक एवं सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। कइयों में डाक्टर नहीं हैं तो कइयों में जांच की सुविधाएं नहीं हैं। मरीजों को मुरादाबाद के सरकारी और निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है। निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से भरी है। जिला अस्पताल में मरीजों का सबसे अधिक दबाव है। अस्पताल में 187 बेड हैं। बेड के सापेक्ष 240 मरीज भर्ती हैं। इसी तरह बच्चा वार्ड 18 बेड के सापेक्ष 24 बच्चों को भर्ती किया है। शुक्रवार को मुहर्रम अवकाश पर दोपहर 12 बजे तक अस्पताल की ओपीडी खुली। हालांकि, मुहर्रम के चलते ज्यादा भीड़ नहीं रही।
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स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ सुलग रहा आक्रोश
मुरादाबाद। बाढ़ से प्रभावित ब्लाकों के गांवों में संक्रामक बीमारियां जानलेवा हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर नहीं लगाए हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीण मुख्य चिकित्साधिकारी को शिविर लगाने की गुहार लगा चुके हैं। ब्लाक क्षेत्रों में सामुदायिक और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र हैं। केंद्रों में चिकित्सा सेवाएं बदहाल हैं। मजबूरी में मरीज निजी और सरकारी अस्पताल मुरादाबाद आ रहे हैं। बुखार से बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। कुंदरकी, मूंढापांडे के बाद बिलारी के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने सीएमओ से चिकित्सा शिविर लगाए जाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने कहा कि बुखार से पीड़ित मरीज मुरादाबाद तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।