{"_id":"5cbe2d64bdec22145545098b","slug":"111555967332-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंदर चुनाव, बाहर मेले जैसा माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंदर चुनाव, बाहर मेले जैसा माहौल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। लोकतंत्र के महापर्व में पूर्ण आहुति (मतदान) के लिए शहर से लेकर गांव तक बूथ सज चुके हैं। मतदाताओं के स्वागत के लिए बूथाें पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सर्किट हाउस के पीछे आवास विकास के मैदान से सोमवार को 2638 पोलिंग पार्टियां कड़ी सुरक्षा में मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुईं। शाम चार बजे तक सभी मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टी और सुरक्षा बल पहुंच चुके थे। पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी और डीआईजी के साथ ही दोनों प्रेक्षक भी लगातार निगाह बनाए रहे। सुबह सात बजे से शुरू हुई पोलिंग पार्टियों की रवानगी की प्रक्रिया दोपहर तीन बजे तक चली। पोलिंग पार्टियों को डीएम ने निर्देश दिए हैं कि पूरी निर्भीकता से निष्पक्ष रहकर मतदान कराएं।
बुद्धि विहार फेस दो में पोलिंग पार्टियों के रवाना होने के दौरान मैदान पर माहौल ठीक एक गांव के मेले जैसा था। सड़क पर सेंट मेरी स्कूल के सामने चाट पकौड़े से लेकर हर तरह के ठेले दूर तक लगे नजर आए। दोपहर में चढ़ते सूरज के साथ पारा चढ़ने के बाद लोग गन्ने के जूस, पानी की बोतल और आइसक्रीम के ठेलों पर नजर आए। कई जगह विवाद की स्थिति भी बनी। मैदान के अंदर भी पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई थी। लेकिन यह नाकाफी साबित हो रही थी।
मोबाइल टायलेट नहीं होने से दिक्कत
मतदाता कार्मिक कैंप में कुछ देर के लिए पंखे भी बंद हुए। इनकी वजह से गर्मी में लोगों को परेशान होना पड़ा। मोबाइल टायलेट मैदान में नहीं होने से महिला कर्मचारियों को खासी दिक्कत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुद्धि विहार फेस दो में पोलिंग पार्टियों के रवाना होने के दौरान मैदान पर माहौल ठीक एक गांव के मेले जैसा था। सड़क पर सेंट मेरी स्कूल के सामने चाट पकौड़े से लेकर हर तरह के ठेले दूर तक लगे नजर आए। दोपहर में चढ़ते सूरज के साथ पारा चढ़ने के बाद लोग गन्ने के जूस, पानी की बोतल और आइसक्रीम के ठेलों पर नजर आए। कई जगह विवाद की स्थिति भी बनी। मैदान के अंदर भी पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई थी। लेकिन यह नाकाफी साबित हो रही थी।
विज्ञापन
मोबाइल टायलेट नहीं होने से दिक्कत
मतदाता कार्मिक कैंप में कुछ देर के लिए पंखे भी बंद हुए। इनकी वजह से गर्मी में लोगों को परेशान होना पड़ा। मोबाइल टायलेट मैदान में नहीं होने से महिला कर्मचारियों को खासी दिक्कत हुई।
विज्ञापन