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मनमर्जी से बंद नहीं होंगे स्कूल
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मुरादाबाद।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में जनपदीय एवं मंडलीय रैली, समारोह एवं विशेष कार्यक्रमों के बाद स्कूलों की छुट्टी नहीं की जाएगी। परिषद ने नए शिक्षा सत्र के लिए स्कूलों की छुट्टियों का वार्षिक कलेंडर जारी कर दिया है। कलेंडर में 34 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं। जिलाधिकारी के अलावा स्कूलों की निर्धारित छुट्टियों में कोई फेरबदल नहीं कर पाएगा।
सरकारी स्कूलों में शिक्षक स्कूल बंद करने का बहाना ढूंढते हैं। स्कूल में कोई कार्यक्रम अथवा रैली आयोजित होती है तो पढ़ाई चौपट रहती है। कार्यक्रम समापन के बाद स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर स्कूल तो शिक्षकों की मनमर्जी से खुलते और बंद होते हैं। पिछले महीनों में बीएसए की छापामारी में निर्धारित समय के बाद खुलने और पहले बंद होने वाले कई स्कूल भी मिले हैं। शिक्षा सचिव रूबी सिंह ने स्कूलों के लिए सालाना अवकाश कलेंडर जारी करने के साथ शिक्षा अधिकारियों के लिए गाइड लाइन जारी की है। कलेंडर की छुट्टियां सरकारी और परिषद से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।
कलेंडर में 34 अवकाश घोषित हैं। इनमें गणतंत्र दिवस, संत रविदास जयंती, डा. भीम राव आंबेडकर, स्वतंत्रता दिवस, महात्मा गांधी जयंती और सरदार बल्लभ भाई पटेल जयंती पर स्कूल तो खुलेंगे, लेकिन शिक्षण कार्य नहीं होगा। बच्चे स्कूलों में पहुंचकर जयंती एवं कार्यक्रम आयोजन में शामिल होंगे। शिक्षा सचिव ने कहा कि स्थानीय मेलों का अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। डीएम अपने विवेक पर अवकाश कर सकेंगे।
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निर्धारित समय पर खुलेंगे और बंद होंगे स्कूल
एक अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूल सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक खुलेंगे। मध्यावकाश सुबह साढ़े दस बजे से ग्यारह बजे तक होगा। एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सुबह नौ बजे अपराह्न तीन बजे तक स्कूलों का संचालन होगा। मध्यावकाश दोपहर 12 बजे से साढ़े बारह बजे तक होगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश 21 मई से 30 जून तक होगा।
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बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में जनपदीय एवं मंडलीय रैली, समारोह एवं विशेष कार्यक्रमों के बाद स्कूलों की छुट्टी नहीं की जाएगी। परिषद ने नए शिक्षा सत्र के लिए स्कूलों की छुट्टियों का वार्षिक कलेंडर जारी कर दिया है। कलेंडर में 34 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं। जिलाधिकारी के अलावा स्कूलों की निर्धारित छुट्टियों में कोई फेरबदल नहीं कर पाएगा।
सरकारी स्कूलों में शिक्षक स्कूल बंद करने का बहाना ढूंढते हैं। स्कूल में कोई कार्यक्रम अथवा रैली आयोजित होती है तो पढ़ाई चौपट रहती है। कार्यक्रम समापन के बाद स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर स्कूल तो शिक्षकों की मनमर्जी से खुलते और बंद होते हैं। पिछले महीनों में बीएसए की छापामारी में निर्धारित समय के बाद खुलने और पहले बंद होने वाले कई स्कूल भी मिले हैं। शिक्षा सचिव रूबी सिंह ने स्कूलों के लिए सालाना अवकाश कलेंडर जारी करने के साथ शिक्षा अधिकारियों के लिए गाइड लाइन जारी की है। कलेंडर की छुट्टियां सरकारी और परिषद से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।
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कलेंडर में 34 अवकाश घोषित हैं। इनमें गणतंत्र दिवस, संत रविदास जयंती, डा. भीम राव आंबेडकर, स्वतंत्रता दिवस, महात्मा गांधी जयंती और सरदार बल्लभ भाई पटेल जयंती पर स्कूल तो खुलेंगे, लेकिन शिक्षण कार्य नहीं होगा। बच्चे स्कूलों में पहुंचकर जयंती एवं कार्यक्रम आयोजन में शामिल होंगे। शिक्षा सचिव ने कहा कि स्थानीय मेलों का अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। डीएम अपने विवेक पर अवकाश कर सकेंगे।
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निर्धारित समय पर खुलेंगे और बंद होंगे स्कूल
एक अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूल सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक खुलेंगे। मध्यावकाश सुबह साढ़े दस बजे से ग्यारह बजे तक होगा। एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सुबह नौ बजे अपराह्न तीन बजे तक स्कूलों का संचालन होगा। मध्यावकाश दोपहर 12 बजे से साढ़े बारह बजे तक होगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश 21 मई से 30 जून तक होगा।