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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, दो दिनों में 240 कारोड़ का नुकसान
Updated Fri, 01 Jun 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
बैंक कर्मचारियों के हड़ताल से गुरूवार को भी बैंक सेवाएं बंद रहीं। सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक खुले ही नहीं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और इससे संबद्ध स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन ने एसबीआई मुख्य शाखा पर अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया। बैंकों के बंद होने से दो दिनों में करीब 240 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। गुरूवार को भी करीब 120 करोड़ रुपये का लेनदेन, चैक क्लीयरिंग और ट्रांसफर प्रभावित हुए।
बैंक अधिकारी और कर्मचारी सुबह साढ़े नौ बजे ही एसबीआई की मुख्य शाखा पर एकत्रित होने लगे। यहां सैकड़ों की संख्या में पहुंचे बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में सिर पर काली पट्टी बांध कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर एक सभा का आयोजन भी किया गया। सभा में वक्ताआें ने वेतन वृद्धि नहीं किए जाने को लेकर आक्रोश जताया। वक्ताआें ने कहा कि दो दिनों की हड़ताल से पूरे देश में बैंकों को अरबों-खरबों का नुकसान हुआ। अगर बैंक कर्मचारियों की मांग नहीं मानी जाती है तो अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। बैंक कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि उनके अपने कमाए हुए लाभ से होता है न कि बैंक कर्मियों द्वारा दिए गए इनकम टैक्स से। वक्ताआें ने कहा कि उनके द्वारा दिए गए इनकम टैक्स से उन जनप्रतिनिधियाें, अधिकारियों और कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की जा रही है जो लाभ कमाकर नहीं देते। यूनियन के पदाधिकारियाें ने कहा कि सरकार की प्रतिनिधि संस्था भारतीय बैंक संघ मात्र 2 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रख सम्मान जनक वेतन समझौता का उल्लंघन और मजाक उड़ा रही है। जबकि यह मामला 2017 से ही चल रहा है। इसे बैंक कर्मचारी किसी शर्त में मंजूर नहीं करेंगे। हड़ताल में संजय रस्तोगी, नवनीत कुमार, एन एन टंडन, जेपी सरन, जगदीश सिंह समेत सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
एटीएम ने भी ग्राहकों को दिया धोखा
हड़ताल के दूसरे दिन अधिकांश सरकारी बैंकोें की मुख्य शाखाओं के एटीएम भी पूरी तरह खाली हो गए। लोग कैश के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम भटकते रहे लेकिन उन्हें कैश नहीं मिला। बैंक बंद होने के कारण बैंकों ने एटीएम में कैश लोड नहीं किए। मजबूरन ग्राहकों को कैश के लिए प्राइवेट बैंकों के एटीएम का सहारा लेना पड़ा। लेकिन सभी प्राइवेट बैंकों में भी उन्हें कैश नहीं मिला।
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आज खुलेंगे बैंक
बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में दूसरे चरण में दो दिन की हड़ताल की रूपरेखा बनाई थी। अब शुक्रवार को कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। लेकिन यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर शीघ्र ही उनकी मांग नहीं मानी गई तो फिर से व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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बैंक कर्मचारियों के हड़ताल से गुरूवार को भी बैंक सेवाएं बंद रहीं। सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक खुले ही नहीं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और इससे संबद्ध स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन ने एसबीआई मुख्य शाखा पर अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया। बैंकों के बंद होने से दो दिनों में करीब 240 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। गुरूवार को भी करीब 120 करोड़ रुपये का लेनदेन, चैक क्लीयरिंग और ट्रांसफर प्रभावित हुए।
बैंक अधिकारी और कर्मचारी सुबह साढ़े नौ बजे ही एसबीआई की मुख्य शाखा पर एकत्रित होने लगे। यहां सैकड़ों की संख्या में पहुंचे बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में सिर पर काली पट्टी बांध कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर एक सभा का आयोजन भी किया गया। सभा में वक्ताआें ने वेतन वृद्धि नहीं किए जाने को लेकर आक्रोश जताया। वक्ताआें ने कहा कि दो दिनों की हड़ताल से पूरे देश में बैंकों को अरबों-खरबों का नुकसान हुआ। अगर बैंक कर्मचारियों की मांग नहीं मानी जाती है तो अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। बैंक कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि उनके अपने कमाए हुए लाभ से होता है न कि बैंक कर्मियों द्वारा दिए गए इनकम टैक्स से। वक्ताआें ने कहा कि उनके द्वारा दिए गए इनकम टैक्स से उन जनप्रतिनिधियाें, अधिकारियों और कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की जा रही है जो लाभ कमाकर नहीं देते। यूनियन के पदाधिकारियाें ने कहा कि सरकार की प्रतिनिधि संस्था भारतीय बैंक संघ मात्र 2 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रख सम्मान जनक वेतन समझौता का उल्लंघन और मजाक उड़ा रही है। जबकि यह मामला 2017 से ही चल रहा है। इसे बैंक कर्मचारी किसी शर्त में मंजूर नहीं करेंगे। हड़ताल में संजय रस्तोगी, नवनीत कुमार, एन एन टंडन, जेपी सरन, जगदीश सिंह समेत सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
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एटीएम ने भी ग्राहकों को दिया धोखा
हड़ताल के दूसरे दिन अधिकांश सरकारी बैंकोें की मुख्य शाखाओं के एटीएम भी पूरी तरह खाली हो गए। लोग कैश के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम भटकते रहे लेकिन उन्हें कैश नहीं मिला। बैंक बंद होने के कारण बैंकों ने एटीएम में कैश लोड नहीं किए। मजबूरन ग्राहकों को कैश के लिए प्राइवेट बैंकों के एटीएम का सहारा लेना पड़ा। लेकिन सभी प्राइवेट बैंकों में भी उन्हें कैश नहीं मिला।
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आज खुलेंगे बैंक
बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में दूसरे चरण में दो दिन की हड़ताल की रूपरेखा बनाई थी। अब शुक्रवार को कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। लेकिन यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर शीघ्र ही उनकी मांग नहीं मानी गई तो फिर से व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।