{"_id":"62c33b9113b8e811544e7951","slug":"10-years-jail-to-accused-of-rape-city-news-mbd4335630105","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवती से दुष्कर्म में दोषी को दस साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवती से दुष्कर्म में दोषी को दस साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। युवती को अगवा कर उससे दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है। जबकि 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही आदेश दिया है कि जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाए।
संभल जनपद के हयातनगर थाने में 30 मार्च 2012 को पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि उसकी बेटी बिना किसी को बताए कहीं चली गई थी। जिसकी हम परिवार वाले तलाश कर रहे थे। 14 अप्रैल 2012 को गांव के ही रहने वाले ग्रामीणों ने उसे बताया कि उसकी बेटी को धर्मपाल निवासी खैरिया पट्टी थाना गुन्नौर अपने साथ बाजार की ओर ले जा रहा था। सूचना के बाद पीड़िता का पिता गांव वालों के साथ वहां पहुंचा और अपनी बेटी को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। इस रिपोर्ट के बाद थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मेडिकल परीक्षण में पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम योगेंद्र चौहान की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक यादव ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि उसे आरोपी धर्मपाल जबरन लेकर गया था और उससे दुष्कर्म किया था। बचाव पक्ष का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने लड़की का अपहरण नहीं किया था वह अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी को अपहरण और दुष्कर्म की घटना का दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
न्यायिक अधिकारियों के तबादले
मुरादाबाद। जनपद न्यायाधीश ने मुरादाबाद स्थानांतरित हो कर आए न्यायिक अधिकारियों एवं जनपद न्यायालय में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया है जिसमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गजेंद्र सिंह यादव एडीजे कोर्ट संख्या सात से एडीजे पांच, इलाहाबाद से आए मनीष कुमार प्रथम को एडीजे कोर्ट संख्या सात, चंद्र विजय श्रेत एडीजे कोर्ट संख्या नौ को पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन, सरोज कुमार यादव एडीजे कोर्ट संख्या दस से एडीजे नौ एवं कन्नौज से आईं निकिता राजन को अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट संख्या प्रथम नियुक्त किया है। संवाद
विज्ञापन
संभल जनपद के हयातनगर थाने में 30 मार्च 2012 को पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि उसकी बेटी बिना किसी को बताए कहीं चली गई थी। जिसकी हम परिवार वाले तलाश कर रहे थे। 14 अप्रैल 2012 को गांव के ही रहने वाले ग्रामीणों ने उसे बताया कि उसकी बेटी को धर्मपाल निवासी खैरिया पट्टी थाना गुन्नौर अपने साथ बाजार की ओर ले जा रहा था। सूचना के बाद पीड़िता का पिता गांव वालों के साथ वहां पहुंचा और अपनी बेटी को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। इस रिपोर्ट के बाद थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मेडिकल परीक्षण में पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम योगेंद्र चौहान की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक यादव ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि उसे आरोपी धर्मपाल जबरन लेकर गया था और उससे दुष्कर्म किया था। बचाव पक्ष का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने लड़की का अपहरण नहीं किया था वह अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी को अपहरण और दुष्कर्म की घटना का दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
न्यायिक अधिकारियों के तबादले
मुरादाबाद। जनपद न्यायाधीश ने मुरादाबाद स्थानांतरित हो कर आए न्यायिक अधिकारियों एवं जनपद न्यायालय में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया है जिसमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गजेंद्र सिंह यादव एडीजे कोर्ट संख्या सात से एडीजे पांच, इलाहाबाद से आए मनीष कुमार प्रथम को एडीजे कोर्ट संख्या सात, चंद्र विजय श्रेत एडीजे कोर्ट संख्या नौ को पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन, सरोज कुमार यादव एडीजे कोर्ट संख्या दस से एडीजे नौ एवं कन्नौज से आईं निकिता राजन को अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट संख्या प्रथम नियुक्त किया है। संवाद