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Mirzapur News: ‘आपने ऐसा किया काम कि हो गए महान’
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चुनार। सुष्मारगिरि साहित्यिक मंच, चुनार की ओर से ज्योतिराव फूले व डॉ. अब्दुल कलाम का निर्वाण दिवस सोमवार रात अधिवक्ता शीतला प्रसाद सिंह के आवास, मोहल्ला भरपुर लाइन में मनाया गया। इस अवसर पर संगोष्ठी के साथ काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
शीतला गौरव ने काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए सुनाया, “भारत के गौरव मिसाइल मैन थे डॉ. अब्दुल कलाम, उन्हें सलाम।” संजय यादव ‘’उमंग’’ ने सुनाया, “एक तिरंगे की छाया में जनगण मन हर्षाने वाले।”
डॉ. मनमीत ने प्रस्तुत किया, “युगद्रष्टा कलाम की वाणी हर पल राह दिखाएगी।” राजनारायण सिंह ने “तनवा भलही रहे शहर में, मनवा अपना गांव में” सुनाकर वाहवाही लूटी।
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अशोक सिंह ‘’प्रियदर्शी’’ ने सुनाया, “डॉ. कलाम, आपने किया ऐसा काम कि हो गए महान।” बी. प्रसाद ने “एक व्यथित कलम अब बोल रही” प्रस्तुत किया।
राजकुमार ‘’राजन’’ ने “पावस आ गयल सखिया, इ रंग तरंग सबै चढ़ जाला” तथा नयन वर्मा ने “जाग जाओ सिपाही कलम के” सुनाया। माखनलाल ‘’झटपट’’ ने “खुशी-गम का मेला है, जीवन अलबेला है” सुनाकर तालियां बटोरी। अजय मौर्य, अनवर भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। संवाद
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शीतला गौरव ने काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए सुनाया, “भारत के गौरव मिसाइल मैन थे डॉ. अब्दुल कलाम, उन्हें सलाम।” संजय यादव ‘’उमंग’’ ने सुनाया, “एक तिरंगे की छाया में जनगण मन हर्षाने वाले।”
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डॉ. मनमीत ने प्रस्तुत किया, “युगद्रष्टा कलाम की वाणी हर पल राह दिखाएगी।” राजनारायण सिंह ने “तनवा भलही रहे शहर में, मनवा अपना गांव में” सुनाकर वाहवाही लूटी।
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अशोक सिंह ‘’प्रियदर्शी’’ ने सुनाया, “डॉ. कलाम, आपने किया ऐसा काम कि हो गए महान।” बी. प्रसाद ने “एक व्यथित कलम अब बोल रही” प्रस्तुत किया।
राजकुमार ‘’राजन’’ ने “पावस आ गयल सखिया, इ रंग तरंग सबै चढ़ जाला” तथा नयन वर्मा ने “जाग जाओ सिपाही कलम के” सुनाया। माखनलाल ‘’झटपट’’ ने “खुशी-गम का मेला है, जीवन अलबेला है” सुनाकर तालियां बटोरी। अजय मौर्य, अनवर भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। संवाद