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Mirzapur News: जेल में महिला बंदी बनाएंगी साड़ी, करेंगी कमाई
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मिर्जापुर। विश्व प्रसिद्ध बनारसी साड़ी अब जिला कारागार में भी बनेगी। इसके लिए जेल में बंद महिलाओं को साड़ी की बुनाई प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, जेल परिसर में लूम लगाने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। साड़ी की बुनाई कर महिलाएं कमाई भी कर सकेंगी।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने पिछले दिनों जिला कारागार के निरीक्षण करने के दौरान महिला बंदियों को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की थी। उन्होंने जेल परिसर में लूम लगाने और महिला बंदियों को प्रशिक्षण देकर बनारसी साड़ी की बुनाई कराने का निर्देश दिया था। अब जिला कारागार में लूम लगाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
जेलर आरके वर्मा ने बताया कि लूम लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर सीडीओ को भेजा जाएगा। शेड बनाकर चार लूम लगाए जाएंगे। इसके बाद बनारसी साड़ी बनानी वाली कंपनियों से संपर्क कर महिला बंदियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समय जेल में 29 महिला बंदी है। इनमें से 20 बंदियों को प्रशिक्षण देकर इससे जोड़ा जाएगा। प्रत्येक महिला एक साड़ी की बुनाई कर 500 से 800 रुपये तक कमाई कर सकेगी।
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जेल में बनी कालीन भेजी जा रही विदेश
जिला कारागार में वर्ष 2019 से कालीन की बुनाई की जा रही है। विक्रम कार्पेट नामक कंपनी रॉ मटेरियल उपलब्ध कराती है। इसके बाद यहां तैयार होने वाली कालीन की सप्लाई जर्मनी, फ्रांस समेत कई देशों में की जाती है। इस समय पांच बंदी कालीन की बुनाई कर कमाई कर रहे है।
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वर्जन
डीएम के निर्देश पर जेल में लूम लगाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट सीडीओ कार्यालय भेज दी गई है। जल्द ही हाल का निर्माण कराकर लूम लगाए जाएंगे। - आरके वर्मा, जेलर, जिला कारागार
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जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने पिछले दिनों जिला कारागार के निरीक्षण करने के दौरान महिला बंदियों को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की थी। उन्होंने जेल परिसर में लूम लगाने और महिला बंदियों को प्रशिक्षण देकर बनारसी साड़ी की बुनाई कराने का निर्देश दिया था। अब जिला कारागार में लूम लगाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
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जेलर आरके वर्मा ने बताया कि लूम लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर सीडीओ को भेजा जाएगा। शेड बनाकर चार लूम लगाए जाएंगे। इसके बाद बनारसी साड़ी बनानी वाली कंपनियों से संपर्क कर महिला बंदियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समय जेल में 29 महिला बंदी है। इनमें से 20 बंदियों को प्रशिक्षण देकर इससे जोड़ा जाएगा। प्रत्येक महिला एक साड़ी की बुनाई कर 500 से 800 रुपये तक कमाई कर सकेगी।
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जेल में बनी कालीन भेजी जा रही विदेश
जिला कारागार में वर्ष 2019 से कालीन की बुनाई की जा रही है। विक्रम कार्पेट नामक कंपनी रॉ मटेरियल उपलब्ध कराती है। इसके बाद यहां तैयार होने वाली कालीन की सप्लाई जर्मनी, फ्रांस समेत कई देशों में की जाती है। इस समय पांच बंदी कालीन की बुनाई कर कमाई कर रहे है।
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वर्जन
डीएम के निर्देश पर जेल में लूम लगाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट सीडीओ कार्यालय भेज दी गई है। जल्द ही हाल का निर्माण कराकर लूम लगाए जाएंगे। - आरके वर्मा, जेलर, जिला कारागार