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Mirzapur News: 6.3 प्रतिशत के इजाफे के साथ मिर्जापुर में एक साल में टीबी के 414 मरीज बढ़े
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सरकारी अस्पतालों की तुलना में निजी अस्पतालों में 16.2 प्रतिशत से अधिक वृद्धि
विंध्याचल मंडल में टीबी के 7,796 और एचआईवी के 4,102 सक्रिय मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल में टीबी और एचआईवी के मरीजों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। जिले में 6.3 प्रतिशत के इजाफे के साथ मिर्जापुर में एक साल में टीबी के 414 मरीज बढ़े।
मंडल के मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही में टीबी के 7,796 और एचआईवी के 4,102 सक्रिय मरीज हैं। दोनों बीमारियों के कुल दर्ज सक्रिय मरीजों की संख्या 11,898 है। मिर्जापुर में सरकारी अस्पतालों की तुलना में निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है। इसके तहत लोगों को जागरूक करने के साथ ही सीएचसी-पीएचसी तक जांच और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद दर्ज मरीजों की संख्या में कमी के बजाय वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में 414 मरीज अधिक मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जांच बढ़ने के कारण अधिक मरीज सामने आए हैं। हालांकि, लंबे समय से अभियान चलने के बावजूद मरीजों की संख्या में कमी नहीं आने के लिए सवाल उठ रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मिर्जापुर में अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच टीबी के 6,560 मरीज मिले थे। इनमें सरकारी अस्पतालों में जांच के बाद 4,830 और निजी अस्पतालों में 1,730 मरीज सामने आए थे। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच यह संख्या बढ़कर 6,974 हो गई। इनमें सरकारी अस्पतालों में 4,963 और निजी अस्पतालों में 2,011 मरीज मिले। इस तरह एक साल में मरीजों की संख्या में करीब 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
राजगढ़, जमालपुर, चुनार, हलिया व कछवां में सबसे अधिक मरीज
पिछले दो वर्षों के जिला क्षय रोग अस्पताल और ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार, राजगढ़, चुनार, कछवां और जमालपुर ब्लॉक क्षेत्रों में टीबी के अधिक मरीज मिले हैं। जिला क्षय रोग अस्पताल में वर्ष 2024-25 में 924 और 2025-26 में 1,161 मरीज मिले। यहां पूरे जिले से मरीज आते हैं।
अन्य ब्लॉक क्षेत्रों के सीएचसी-पीएचसी से मिले आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में राजगढ़ और जमालपुर में 410-410, चुनार में 391, हलिया में 364 और कछवां में 312 मरीज मिले थे। वर्ष 2025-26 में राजगढ़ में 449, चुनार में 445, जमालपुर में 439, हलिया में 386 और कछवां में 325 मरीज मिले।
सोनभद्र में एचआईवी के सर्वाधिक सक्रिय मरीज
तीनों जिलों में सक्रिय टीबी मरीजों की संख्या मिर्जापुर में सबसे अधिक 3,407 है। सोनभद्र में 2,704 और भदोही में 1,685 सक्रिय टीबी मरीज हैं। एचआईवी के मामले में सोनभद्र 1,528 मरीजों के साथ पहले स्थान पर है। मिर्जापुर में 1,447 और भदोही में 1,127 सक्रिय एचआईवी मरीज हैं।
वर्जन
“पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जांच अधिक हुई, इसलिए अधिक मरीज मिले हैं। इस बार चले 100 दिवसीय अभियान में भी अधिक जांच हुई है। अभियान और इलाज दोनों को तेज किया गया है। जागरूकता से लोग निजी अस्पतालों में भी इलाज के लिए जा रहे हैं, इसलिए वहां भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। अब तक 100 गांव टीबी मुक्त हो चुके हैं।”
डॉ. अनिल ओझा, जिला क्षय रोग अधिकारी
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विंध्याचल मंडल में टीबी के 7,796 और एचआईवी के 4,102 सक्रिय मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल में टीबी और एचआईवी के मरीजों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। जिले में 6.3 प्रतिशत के इजाफे के साथ मिर्जापुर में एक साल में टीबी के 414 मरीज बढ़े।
मंडल के मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही में टीबी के 7,796 और एचआईवी के 4,102 सक्रिय मरीज हैं। दोनों बीमारियों के कुल दर्ज सक्रिय मरीजों की संख्या 11,898 है। मिर्जापुर में सरकारी अस्पतालों की तुलना में निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
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सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है। इसके तहत लोगों को जागरूक करने के साथ ही सीएचसी-पीएचसी तक जांच और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद दर्ज मरीजों की संख्या में कमी के बजाय वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में 414 मरीज अधिक मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जांच बढ़ने के कारण अधिक मरीज सामने आए हैं। हालांकि, लंबे समय से अभियान चलने के बावजूद मरीजों की संख्या में कमी नहीं आने के लिए सवाल उठ रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मिर्जापुर में अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच टीबी के 6,560 मरीज मिले थे। इनमें सरकारी अस्पतालों में जांच के बाद 4,830 और निजी अस्पतालों में 1,730 मरीज सामने आए थे। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच यह संख्या बढ़कर 6,974 हो गई। इनमें सरकारी अस्पतालों में 4,963 और निजी अस्पतालों में 2,011 मरीज मिले। इस तरह एक साल में मरीजों की संख्या में करीब 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
राजगढ़, जमालपुर, चुनार, हलिया व कछवां में सबसे अधिक मरीज
पिछले दो वर्षों के जिला क्षय रोग अस्पताल और ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार, राजगढ़, चुनार, कछवां और जमालपुर ब्लॉक क्षेत्रों में टीबी के अधिक मरीज मिले हैं। जिला क्षय रोग अस्पताल में वर्ष 2024-25 में 924 और 2025-26 में 1,161 मरीज मिले। यहां पूरे जिले से मरीज आते हैं।
अन्य ब्लॉक क्षेत्रों के सीएचसी-पीएचसी से मिले आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में राजगढ़ और जमालपुर में 410-410, चुनार में 391, हलिया में 364 और कछवां में 312 मरीज मिले थे। वर्ष 2025-26 में राजगढ़ में 449, चुनार में 445, जमालपुर में 439, हलिया में 386 और कछवां में 325 मरीज मिले।
सोनभद्र में एचआईवी के सर्वाधिक सक्रिय मरीज
तीनों जिलों में सक्रिय टीबी मरीजों की संख्या मिर्जापुर में सबसे अधिक 3,407 है। सोनभद्र में 2,704 और भदोही में 1,685 सक्रिय टीबी मरीज हैं। एचआईवी के मामले में सोनभद्र 1,528 मरीजों के साथ पहले स्थान पर है। मिर्जापुर में 1,447 और भदोही में 1,127 सक्रिय एचआईवी मरीज हैं।
वर्जन
“पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जांच अधिक हुई, इसलिए अधिक मरीज मिले हैं। इस बार चले 100 दिवसीय अभियान में भी अधिक जांच हुई है। अभियान और इलाज दोनों को तेज किया गया है। जागरूकता से लोग निजी अस्पतालों में भी इलाज के लिए जा रहे हैं, इसलिए वहां भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। अब तक 100 गांव टीबी मुक्त हो चुके हैं।”
डॉ. अनिल ओझा, जिला क्षय रोग अधिकारी