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विंध्याचल मंदिर: दर्शन-पूजन के लिए बनी नई व्यवस्था, ट्रायल के पहले ही दिन भड़के तीर्थ पुरोहित

Wed, 14 Jul 2021 11:30 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 14 Jul 2021 11:30 PM IST
सार

 मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में नई व्यवस्था के ट्रायल के पहले ही दिन उस समय विरोध शुरू हो गया जब मां विंध्यवासिनी मंदिर दान पात्र की ओर से एक लाइन वीआईपी के लिए निर्धारित की गई। 

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Vindhyachal Temple tirth purhot angry over new arrangement made for darshan worship protest on  very first day of trial
तीन दिवसीय ट्रायल के पहले ही दिन भड़के तीर्थ पुरोहित, दिया धरना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित विंध्याचल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था व श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी की है। नई व्यवस्था के तीन दिवसीय ट्रायल के पहले ही दिन बुधवार को तीर्थ पुरोहितों का एक गुट इसके विरोध में उतर आया। गाइडलाइन के लिए चस्पा पर्चे फाड़ दिए और  धरना दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह महज ट्रायल है। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि अगर ट्रायल में कोई व्यवधान उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  

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मंगलवार की रात प्रशासनिक भवन में नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर प्रभात राय ने पंडा समाज के पदाधिकारियों संग बैठक की थी। विचार विमर्श के पश्चात कुछ अहम निर्णय लिए गए। इसके बाद बुधवार की सुबह से मंदिर पर लागू किए गए नियम के तहत निकास दरवाजे से किसी भी दर्शनार्थी का प्रवेश वर्जित कर दिया गया।
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चरणस्पर्श के लिए भी समय निर्धारित किया गया। प्रात: होने वाली मंगला आरती से लेकर शाम चार बजे तक आम दर्शनार्थियों के साथ किसी विशिष्ट को भी चरणस्पर्श करने पर रोक का निर्देश है। मंदिर में प्रवेश के लिए एक आकस्मिक मार्ग आरक्षित किया गया है।

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दान पात्र की ओर से जाने वाले मार्ग से मात्र विशिष्ट दर्शनार्थियों का ही प्रवेश का निर्णय है। सुरक्षा की दृष्टिगत समस्त वाहनों को पचास मीटर पहले ही रोका जाना है। कोतवाली मार्ग, पुरानी वीआईपी मार्ग, न्यू वीआईपी मार्ग व पक्काघाट मार्ग पर यह व्यवस्था लागू रहेगी। 

पूरी व्यवस्था ट्रायल के तौर पर तीन दिन चलाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानु पाठक, व्यवस्था प्रमुख गुंजन मिश्र, पूर्व अध्यक्ष राजन पाठक, केदार भंडारी, अजय दुबे, थाना प्रभारी शैलेश राय, मन्दिर सुरक्षा प्रभारी रवींद्र यादव, मंदिर चौकी प्रभारी इंभूषण मिश्र इत्यादि लोग मौजूद रहे।

सुबह से शुरू हो गया था विरोध 

मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में नई व्यवस्था के ट्रायल के पहले ही दिन उस समय विरोध शुरू हो गया जब मां विंध्यवासिनी मंदिर दान पात्र की ओर से एक लाइन वीआईपी के लिए निर्धारित की गई। इसी मार्ग से तीर्थ पुरोहित अपने जजमान को लेकर जाते हैं।

ट्रायल के दावे के बावजूद पहले ही दिन तीर्थ पुरोहित अमित पांडेय अपने कुछ समर्थकों के साथ इसका विरोध करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। दीवार पर चस्पा गाइडलाइन संबंधी कागज भी फाड़ दिया। बाद में वीआईपी के निर्धारित मार्ग पर वे धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई।

सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह व सीओ सिटी सदर प्रभात राय सहित श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर एक बार फिर बैठक की। बैठक के बाद स्पष्ट किया गया कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की ओर से तीन दिवसीय ट्रायल किया जा रहा है। अगर ट्रायल से सुविधा होती है तो ठीक अव्यवस्था फैलने पर पुरानी व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। 

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