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विंध्याचल मंडल : भ्रष्टाचार के आरोप में तीन साल में आठ लेखपाल पकड़े गए
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पुलिस लाइन स्थित एंटी करप्शन का थाना ।स्रोत- संवाद
वर्ष 2023-24 में 10, वर्ष 2025 में सात और 2026 में अब तक एक लेखपाल पर कार्रवाई
एंटी करप्शन टीम ने तीन साल में 18 लोगों को पकड़ा इनमें आठ लेखपाल, सबसे ज्यादा मिर्जापुर में नौ, सोनभद्र में पांच और भदोही में चार पकड़े गए
मिर्जापुर। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई में तीन साल में मंडल में आठ लेखपाल रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए। टीम ने मंडल के तीनों जिलों मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही में रिश्वत लेते हुए सबसे ज्यादा आठ लेखपाल, एक कानूनगो, एक पेशकार, दो दरोगा, दो बिजली निगम के कर्मी, एक रोजगार सेवक व तीन अन्य को पकड़ा है। जबकि छह लेखपाल और एक कानूनगो को पकड़ने के लिए छापे मारी की लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
एंटी करप्शन टीम ने वर्ष 2023 और 2024 में रिश्वत लेते हुए 10 लोगों को रंगे हाथ पकड़ा। इसमें मिर्जापुर और सोनभद्र के चार-चार और भदोही के दो लोग शामिल हैं। एंटी करप्शन टीम की 11 छापे असफल रहे। इसमें भदोही में पांच, सोनभद्र में चार और मिर्जापुर में दो प्रयास असफल रहे। 2025 में एंटी करप्शन की टीम ने सात लोगों को पकड़ा। इसमें मिर्जापुर जिले से दो दरोगा चील्ह थानाध्यक्ष शिवशंकर चौबे व उप निरीक्षक शकील अहमद, भदोही के ज्ञानपुर से राजस्व निरीक्षक राघवेंद्र कुमार, भदोही औद्योगिक इकाई के अवर अभियंता विनोद कुमार, टीजी-टू उप खंड सोनभद्र विद्युत निगम से जावेद अहमद, मिर्जापुर के राजगढ़ से रोजगार सेवक शिवशंकर, मिर्जापुर से लेखपाल विवेक कुमार मिश्रा को पकड़ा। 2025 में चार प्रयास असफल रहे थे। 2026 में चकबंदी लेखपाल अरुण कुमार को पकड़ा है।
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केस-वन
10 फरवरी 2026 की शाम को भटपुरवा क्षेत्र में तैनात लेखपाल अरुण कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी लेखपाल ने चकबंदी नामांतरण आदेश जारी करने के बदले घूस मांगी थी। जिसके बाद भरूहना चौराहे से उसे गिरफ्तार कर देहात कोतवाली लाया गया।
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केस-दो
25 जुलाई 2025 को जमीन की पैमाइश कर कब्जा दिलाने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए लेखपाल को एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल विवेक कुमार मिश्रा को सदर तहसील के पास स्थित बीएलजे मैदान से रंंगे हाथ पकड़ा था।
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ये प्रयास रहे असफल
मंडल के तीनों जिलों में एंटी करप्शन टीन के 11 प्रयास असफल रहे। सीएमओ कार्यालय में 2023 में लिपिक, भदोही में लेखपाल, सोनभद्र में लेखपाल, भदोही में कानूनगो, भदोही में दो लेखपालों को पकड़ने का प्रयास असफल हो गया। 2024 में भदोही में लेखपाल, सोनभद्र में लिपिक, विद्युत निगम के जेई, रोजगार सेवक, मिर्जापुर में पंचायत राज विभाग के लिपिक व अन्य मामलों में कामयाबी नहीं मिली।
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एक मामले की चल रही विवेचना
एंटी करप्शन थाना प्रभारी एके सिंह ने बताया कि विंध्याचल मंडल के तीन जिलों में वर्ष 2023 से अब तक 18 लोगों को रिश्वत लेते समय पकड़ा गया है। एंटी करप्शन की टीम जिस थाना क्षेत्र में कार्रवाई करती है। वहां के थाना में जीरो एफआईआर दर्ज होता है। वहां से प्राथमिकी स्थानांरित होकर एंटी करप्शन थाने में आती है। पर्चा काटकर आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाता है। इसके बाद विवेचना चलती है। दो माह में विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में देना रहता है। इसके बाद न्यायालय में सुनवाई होती है। सभी मामलों की विवेचना की जा चुकी है। 2026 में फरवरी में पकड़े गए चकबंदी लेखपाल मामले की विवेचना चल रही है।
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वर्जन
अगर कोेई रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत एंटी करप्शन के पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में कर सकते हैं। उस के खिलाफ गोपनीय तरीके से कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को पकड़ने का अभियान जारी रहेगा।
अशोक कुमार सिंह, प्रभारी एंटी करप्शन
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एंटी करप्शन टीम ने तीन साल में 18 लोगों को पकड़ा इनमें आठ लेखपाल, सबसे ज्यादा मिर्जापुर में नौ, सोनभद्र में पांच और भदोही में चार पकड़े गए
मिर्जापुर। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई में तीन साल में मंडल में आठ लेखपाल रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए। टीम ने मंडल के तीनों जिलों मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही में रिश्वत लेते हुए सबसे ज्यादा आठ लेखपाल, एक कानूनगो, एक पेशकार, दो दरोगा, दो बिजली निगम के कर्मी, एक रोजगार सेवक व तीन अन्य को पकड़ा है। जबकि छह लेखपाल और एक कानूनगो को पकड़ने के लिए छापे मारी की लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
एंटी करप्शन टीम ने वर्ष 2023 और 2024 में रिश्वत लेते हुए 10 लोगों को रंगे हाथ पकड़ा। इसमें मिर्जापुर और सोनभद्र के चार-चार और भदोही के दो लोग शामिल हैं। एंटी करप्शन टीम की 11 छापे असफल रहे। इसमें भदोही में पांच, सोनभद्र में चार और मिर्जापुर में दो प्रयास असफल रहे। 2025 में एंटी करप्शन की टीम ने सात लोगों को पकड़ा। इसमें मिर्जापुर जिले से दो दरोगा चील्ह थानाध्यक्ष शिवशंकर चौबे व उप निरीक्षक शकील अहमद, भदोही के ज्ञानपुर से राजस्व निरीक्षक राघवेंद्र कुमार, भदोही औद्योगिक इकाई के अवर अभियंता विनोद कुमार, टीजी-टू उप खंड सोनभद्र विद्युत निगम से जावेद अहमद, मिर्जापुर के राजगढ़ से रोजगार सेवक शिवशंकर, मिर्जापुर से लेखपाल विवेक कुमार मिश्रा को पकड़ा। 2025 में चार प्रयास असफल रहे थे। 2026 में चकबंदी लेखपाल अरुण कुमार को पकड़ा है।
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केस-वन
10 फरवरी 2026 की शाम को भटपुरवा क्षेत्र में तैनात लेखपाल अरुण कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी लेखपाल ने चकबंदी नामांतरण आदेश जारी करने के बदले घूस मांगी थी। जिसके बाद भरूहना चौराहे से उसे गिरफ्तार कर देहात कोतवाली लाया गया।
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केस-दो
25 जुलाई 2025 को जमीन की पैमाइश कर कब्जा दिलाने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए लेखपाल को एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल विवेक कुमार मिश्रा को सदर तहसील के पास स्थित बीएलजे मैदान से रंंगे हाथ पकड़ा था।
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ये प्रयास रहे असफल
मंडल के तीनों जिलों में एंटी करप्शन टीन के 11 प्रयास असफल रहे। सीएमओ कार्यालय में 2023 में लिपिक, भदोही में लेखपाल, सोनभद्र में लेखपाल, भदोही में कानूनगो, भदोही में दो लेखपालों को पकड़ने का प्रयास असफल हो गया। 2024 में भदोही में लेखपाल, सोनभद्र में लिपिक, विद्युत निगम के जेई, रोजगार सेवक, मिर्जापुर में पंचायत राज विभाग के लिपिक व अन्य मामलों में कामयाबी नहीं मिली।
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एक मामले की चल रही विवेचना
एंटी करप्शन थाना प्रभारी एके सिंह ने बताया कि विंध्याचल मंडल के तीन जिलों में वर्ष 2023 से अब तक 18 लोगों को रिश्वत लेते समय पकड़ा गया है। एंटी करप्शन की टीम जिस थाना क्षेत्र में कार्रवाई करती है। वहां के थाना में जीरो एफआईआर दर्ज होता है। वहां से प्राथमिकी स्थानांरित होकर एंटी करप्शन थाने में आती है। पर्चा काटकर आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाता है। इसके बाद विवेचना चलती है। दो माह में विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में देना रहता है। इसके बाद न्यायालय में सुनवाई होती है। सभी मामलों की विवेचना की जा चुकी है। 2026 में फरवरी में पकड़े गए चकबंदी लेखपाल मामले की विवेचना चल रही है।
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वर्जन
अगर कोेई रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत एंटी करप्शन के पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में कर सकते हैं। उस के खिलाफ गोपनीय तरीके से कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को पकड़ने का अभियान जारी रहेगा।
अशोक कुमार सिंह, प्रभारी एंटी करप्शन