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डायरिया मामले में ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
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मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी बीएस सोमवार को चिकित्सकों की टीम के साथ बसकोप के सुबांव गांव पहुंचकर तीन बस्तियों के प्रभावित परिवारों से मिले। इस दौरान उन्होंने पेयजल की व्यवस्था कराकर हैंडपंप के पानी के नमूने एकत्र कराया और उसे जांच के लिए भेजवा दिया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया।
सुबांव दलित बस्ती पहुंचने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी से पानी का टैंकर समय से पहुंचने के संबंध में जानकारी ली। इस बीच ग्रामीणों ने पानी के टैंकर को लेकर ग्राम विकास अधिकारी की मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की। इससे नाराज होकर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी कैलाश नाथ बिंद को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने बसकोप गांव के सभी हैंडपंपों के पानी केनमूना लेकर जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने गांव के सुरेश दुबे से सभी हैंडपंपों की संख्या के बारे में पूछताछ की। निरीक्षण के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने तालाब के किनारे स्थित दलित बस्ती पहुंचकर अपने सामने हैंडपंप को खुलवाकर ग्राम विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत को आदेश दिया कि गहराई नापी जाए और पानी के सैंपल की जांच के बाद ही पीने योग्य होने पर चालू किया जाए। जांच रिपोर्ट आने तक इसे बंद रखने की हिदायत दी। उन्होंने डायरिया पर नियंत्रण के लिए आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि घर-घर जाकर स्वच्छ पानी के प्रति लोगों को जागरूक करें। आगाह किया कि जागरूकता अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जल निगम के अवर अभियंता को निर्देश दिया कि सभी हैंडपंपों के पानी के नमूनों की जांच कराएं और जांच होने तक हैंडपंप से पानी पीने पर रोक लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि खंड विकास अधिकारी रमाकांत एडीओ पंचायत रतन कुमार के साथ स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए गांव में मौजूद रहें। मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी बीएस ने खंड विकास अधिकारी को पेयजल समस्याग्रस्त 26 गांवों के पानी के नमूनों की जांच कराने का निर्देश दिया है। खंड विकास अधिकारी को उन्होंने आगाह किया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। लालगंज व हलिया दोनों विकासखंडों के प्रभावित गांवों को चिह्नित करके जल निगम के अवर अभियंता मनोज मौर्य और टी पी सिंह को निर्देेशित किया कि पानी के नमूने लेकर जांच कराएं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि चिह्नित गांवों की सूची तैयार कर लें। खंड विकास अधिकारी लालगंज के रमाकांत ने बताया कि मानिकपुर, संहिता, लालगंज, मिश्रपुर, नेवढ़िया, रानी बारी, खजुरी, पंजरा, बनवारी, बस्तरा, लालापुर और हलिया समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के पानी की जांच होगी। चिकित्सकों की टीम के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. संजय सिंह, डॉ. अशोक यादव, डॉ. एसपी सिंह, हलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अभिषेक जायसवाल, रीना सिंह, डॉ. अशोक यादव, अवधेश द्विवेदी, सुशील कुमार दुबे, काउंसिलर शैलजा मिश्रा आदि मौजूद रहे।
उधर, सुबांव गांव के जिस बस्ती में लोग डायरिया से बीमार हुए थे। उसके पास गुप्ता बस्ती में भी सोमवार का दो लड़कियां बीमार हो गईं। डायरिया पीड़ित अंशिका (9) व प्रतिज्ञा (6) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
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सुबांव दलित बस्ती पहुंचने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी से पानी का टैंकर समय से पहुंचने के संबंध में जानकारी ली। इस बीच ग्रामीणों ने पानी के टैंकर को लेकर ग्राम विकास अधिकारी की मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की। इससे नाराज होकर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी कैलाश नाथ बिंद को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने बसकोप गांव के सभी हैंडपंपों के पानी केनमूना लेकर जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने गांव के सुरेश दुबे से सभी हैंडपंपों की संख्या के बारे में पूछताछ की। निरीक्षण के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने तालाब के किनारे स्थित दलित बस्ती पहुंचकर अपने सामने हैंडपंप को खुलवाकर ग्राम विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत को आदेश दिया कि गहराई नापी जाए और पानी के सैंपल की जांच के बाद ही पीने योग्य होने पर चालू किया जाए। जांच रिपोर्ट आने तक इसे बंद रखने की हिदायत दी। उन्होंने डायरिया पर नियंत्रण के लिए आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि घर-घर जाकर स्वच्छ पानी के प्रति लोगों को जागरूक करें। आगाह किया कि जागरूकता अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जल निगम के अवर अभियंता को निर्देश दिया कि सभी हैंडपंपों के पानी के नमूनों की जांच कराएं और जांच होने तक हैंडपंप से पानी पीने पर रोक लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि खंड विकास अधिकारी रमाकांत एडीओ पंचायत रतन कुमार के साथ स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए गांव में मौजूद रहें। मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी बीएस ने खंड विकास अधिकारी को पेयजल समस्याग्रस्त 26 गांवों के पानी के नमूनों की जांच कराने का निर्देश दिया है। खंड विकास अधिकारी को उन्होंने आगाह किया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। लालगंज व हलिया दोनों विकासखंडों के प्रभावित गांवों को चिह्नित करके जल निगम के अवर अभियंता मनोज मौर्य और टी पी सिंह को निर्देेशित किया कि पानी के नमूने लेकर जांच कराएं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि चिह्नित गांवों की सूची तैयार कर लें। खंड विकास अधिकारी लालगंज के रमाकांत ने बताया कि मानिकपुर, संहिता, लालगंज, मिश्रपुर, नेवढ़िया, रानी बारी, खजुरी, पंजरा, बनवारी, बस्तरा, लालापुर और हलिया समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के पानी की जांच होगी। चिकित्सकों की टीम के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. संजय सिंह, डॉ. अशोक यादव, डॉ. एसपी सिंह, हलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अभिषेक जायसवाल, रीना सिंह, डॉ. अशोक यादव, अवधेश द्विवेदी, सुशील कुमार दुबे, काउंसिलर शैलजा मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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उधर, सुबांव गांव के जिस बस्ती में लोग डायरिया से बीमार हुए थे। उसके पास गुप्ता बस्ती में भी सोमवार का दो लड़कियां बीमार हो गईं। डायरिया पीड़ित अंशिका (9) व प्रतिज्ञा (6) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
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