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दो डाक्टर, 18 कर्मचारी गायब
mirzapur
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:24 AM IST
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gtb hospital
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो डाक्टर और 18 कर्मचारी अनुपस्थित थे। सभी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। सीएमओ के अचानक स्वास्थ्य केंद्र पर धमकने से कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
सीमएओ डा. विधु गुप्ता ने की गुरूवार सुबह आठ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीनी हकीकत जानने धमक पड़े। पाया कि स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकिसाधिकारी डा. आशुतोष दूबे ही नहीं आए हैं। इसके अलावा डा.आरके गुप्ता भी ड़यूूटी पर नहीं मौजूद हैं। उपस्थितिपंजिका मंगवाकर देखा कि फार्मासिस्ट, नर्स, वार्ड ब्याय समेत अधिकांश कर्मचारी गायब थे। यह देखते ही भड़क गए। कहा कि मरीज हमारे लिए सर्वोपरि है।
दवा व चिकित्सक रोगी के लिए सर्व सुलभ होना चाहिए। सरकार प्रत्येक अस्पताल को दवा व चिकित्सक पर्याप्त दिया है। इसलिए रोगी के दवा देने तथा उसका इलाज करने में किसी प्रकार की उदासीनता क्षम्य नहीं होगी। चेतावनी दी कि कर्मचारी अपने अपने अंदर बदलाव लाएं। पुराने ढर्रे पर अब काम नहीं चलने वाला है।
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सीएमओ के इस कार्यवाई से स्वास्थ्य केंद्र में अफरातफरी का माहौल रहा। ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी दूसरों को फोन पर सूचना देकर बुलाते रहे लेकिन समय से कोई नहीं पहुंच पाया। कुछ महिला कर्मचारियों ने बताया कि वे मिर्जापुर में रहती हैं। वहां से आने में सड़क खराब होने के कारण कभी-कभी देर हो जाती है। इसके बावजूद सभी लोग समय से पहुंचने का प्रयास करते है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि बहानेबाजी से काम नहीं चलने वला। शासन इस मामले में सख्त है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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सीमएओ डा. विधु गुप्ता ने की गुरूवार सुबह आठ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीनी हकीकत जानने धमक पड़े। पाया कि स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकिसाधिकारी डा. आशुतोष दूबे ही नहीं आए हैं। इसके अलावा डा.आरके गुप्ता भी ड़यूूटी पर नहीं मौजूद हैं। उपस्थितिपंजिका मंगवाकर देखा कि फार्मासिस्ट, नर्स, वार्ड ब्याय समेत अधिकांश कर्मचारी गायब थे। यह देखते ही भड़क गए। कहा कि मरीज हमारे लिए सर्वोपरि है।
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दवा व चिकित्सक रोगी के लिए सर्व सुलभ होना चाहिए। सरकार प्रत्येक अस्पताल को दवा व चिकित्सक पर्याप्त दिया है। इसलिए रोगी के दवा देने तथा उसका इलाज करने में किसी प्रकार की उदासीनता क्षम्य नहीं होगी। चेतावनी दी कि कर्मचारी अपने अपने अंदर बदलाव लाएं। पुराने ढर्रे पर अब काम नहीं चलने वाला है।
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सीएमओ के इस कार्यवाई से स्वास्थ्य केंद्र में अफरातफरी का माहौल रहा। ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी दूसरों को फोन पर सूचना देकर बुलाते रहे लेकिन समय से कोई नहीं पहुंच पाया। कुछ महिला कर्मचारियों ने बताया कि वे मिर्जापुर में रहती हैं। वहां से आने में सड़क खराब होने के कारण कभी-कभी देर हो जाती है। इसके बावजूद सभी लोग समय से पहुंचने का प्रयास करते है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि बहानेबाजी से काम नहीं चलने वला। शासन इस मामले में सख्त है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।