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राज्याधिकारी व राज्य पुरोहित नाम से कोई पद नहीं : सिटी मजिस्ट्रेट

Thu, 08 Jun 2023 12:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:55 AM IST
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There is no post by the name of Rajya Adhikari and Rajya Purohit: City Magistrate
मिर्जापुर। जिला प्रशासन की तरफ से बुधवार को पत्र जारी कर स्पष्ट किया गया कि राज्याधिकारी व राज्य पुरोहित के नाम से जिले में कोई पद श्री विंध्य पंडा समाज अथवा विंध्य विकास परिषद में नहीं है।
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सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया में यह खबर प्रसारित की गई है कि मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए दूसरे जिले से आए तीर्थयात्री परिवार की महिला के साथ राज्याधिकारी राज्य पुरोहित द्वारा छेड़खानी की गई। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर आरोपी व्यक्ति के खिलाफ विंध्याचल थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि इसी राज्याधिकारी पंडा अथवा राज्य पुरोहित के लिए पांच वर्ष पूर्व दुर्गाशंकर पाठक की शिकायत पर तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप मिश्र ने जांच की थी। जिलाधिकारी को संबोधित उनकी जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि इस तरह का कोई पद नहीं है। उसमें स्पष्ट रूप से प्रशासनिक स्तर से राजा पंडा का नाम उल्लिखित करते हुए कहा गया था कि उनको प्रशासनिक स्तर से इस प्रकार का कोई पद नहीं दिया गया है।
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उसमें इस बात का भी जिक्र किया गया था कि इस पद का जिक्र करके लोगों को बरगलाया जा रहा है। इससे मंदिर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी प्रकार तत्कालीन धाम चौकी प्रभारी राकेश कुमार वर्मा ने भी पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सूचित किया था कि इस प्रकार का कोई पद मंदिर में नहीं है। जो अधिकारी जहां जाना चाहते हैं, वहां जाकर संबंधित पंडा के साथ दर्शन करते हैं। जो कहीं नहीं जाते हैं, उनको विंध्य विकास प्राधिकरण के ईश्वर शरण त्रिपाठी दर्शन कराते हैं। उधर, जांच के कुछ दिन बाद फिर से पुराने ढर्रे पर कार्य शुरू हो गया। विभिन्न जिलों से आने वाले प्रशासनिक अधिकारियों व वीआईपी को यहीं का रास्ता दिखाया जाने लगा। जो आज तक जारी है।
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