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जिले में डेढ़ सौ हेक्टेयर में उद्यान लगाने की है योजना

Fri, 14 Oct 2022 01:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 01:12 AM IST
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There is a plan to set up a garden in 150 hectares in the district
जिले में नमामि गंगे योजना के तहत गंगा किनारे फलों के बाग लगाए जाने थे, लेकिन फिलहाल वहां कुछ नहीं दिखाई दे रहे है। योजना के तहत किसानों को बाग के रखरखाव के लिए सरकार की ओर से प्रतिमाह धनराशि भी दी जानी थी।
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जिले में गंगा किनारे 150 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यान लगाने का लक्ष्य है। जिले के 12 में से पांच विकास खंडों के 134 गांव गंगा के किनारे स्थित हैं। इन गांवों के गंगा के किनारे की भूमि का कटान तेजी से हो रहा है। जितनी तेजी से कटान हो रहा है, उस रफ्तार से कटानरोधी कार्य हो नहीं पा रहे हैं।
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योजना के पीछे उद्देश्य यह है कि बगीचे लगाए जाने से कटानरोधी प्राकृतिक दीवार खड़ी हो जाएगी। इससे पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से पकड़े रहेंगी और कटान में बहुत हद तक कमी हो सकेगी। इसीलिए उद्यान विभाग की ओर से यह योजना शुरू की गई है। योजना के तहत एक किसान अधिकतम एक हेक्टेयर भूमि में बगीचा लगा सकता है। सरकार संबंधित किसान को प्रतिमाह तीन हजार रुपये लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए देगी।
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किसान बगीचों में आम, अमरूद, नीबू, बेल, बेर व इसी प्रकार के अन्य फलों के पौधे लगा सकेंगे। यह धनराशि संबंधित किसान को तीन साल तक मिलेगी। एक हेक्टेयर से कम जमीन होने पर अनुदान की धनराशि भी उसी अनुपात में कम हो जाएगी। किसान बाग में अन्य खेती भी कर सकते हैं और अपनी आय बढ़ा सकते हैं।

जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार का कहना है कि इस योजना के हुए कार्यों की जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि योजना बनाई गई है तो कार्य भी होगा। थोड़ा विलंब जरूर हो सकता है।जिले में किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन उसका लाभ दिखाई नहीं दे रहा है। बीजों का वितरण व ऐसी ही कुछ अन्य योजनाएं हैं, जिनका लाभ जरूरतमंद किसानों को नहीं मिल पा रहा है। हालांकि बारिश का दौर अब भी जारी रहने से भी कार्य प्रभावित हुए हैं। इसके चलते योजनाओं के क्रियान्वयन में समस्या हो रही है। इस समय भी गंगा का जल स्तर भी बढ़ा हुआ है।
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