लालगंज । जाॅइंट मजिस्ट्रेट अंशुल हिंदल ने कहा कि पंचायतों की मजबूती अब कागजों से नहीं बल्कि डिजिटल दक्षता से तय होगी। योजनाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध क्रियान्वयन और जवाबदेही के लिए तकनीक का सही उपयोग अनिवार्य है। वे बृहस्पतिवार को कृषि सभागार में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत आयोजित ग्राम प्रधानों व पंचायत प्रतिनिधियों के डिजिटल लिट्रेसी रिफ्रेशर प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे। जाॅइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन पोर्टल और डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली से पंचायतों का कामकाज आसान हुआ है। प्रतिनिधि डिजिटल माध्यमों को अपनाकर शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करें। खंड शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र त्रिपाठी ने डिजिटल युग में बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों की घर पर निगरानी करने पर जोर दिया। पशुधन प्रसार अधिकारी जगदंबा पटेल ने पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए आर्थिक समृद्धि की जानकारी दी।एडीओ कृषि संजय पटेल ने पीएम किसान सम्मान निधि को विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना बताया।अध्यक्षता करते हुए ब्लॉक प्रमुख जयंत कुमार ने कहा कि डिजिटल प्रशिक्षण ग्राम स्वराज की सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में मजबूत कदम है। ग्राम विकास अधिकारी अनुज तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर अवर अभियंता अवधेश कुमार, प्रधान रामबली गुप्ता, रहीस अहमद, छवि शंकर त्रिपाठी, अमरेश दुबे, डॉ महानारायण, राजकुमार पटेल आदि मौजूद रहे।