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घूंघट में परीक्षा: महिलाओं ने की योजना की तारीफ, बोलीं- होना है साक्षर ताकि सम्मान से जी सकें
Mon, 21 Sep 2026 01:46 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
Published by: Pragati Chand
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:46 PM IST
सार
मिर्जापुर जिले में नवभारत साक्षरता परीक्षा देने के बाद महिलाओं ने बताया कि यह अच्छी बहुत योजना है। परीक्षा के बाद हमें साक्षर होने का प्रमाणपत्र मिलेगा।
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परीक्षा देतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मिर्जापुर में परिषदीय विद्यालयों में रविवार को नवभारत साक्षरता परीक्षा हुई। सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक परीक्षा हुई परीक्षा के लिए 11203 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसमें से 7342 परीक्षार्थी शामिल हुए। कछवां के परिषदीय स्कूल के केंद्र पर महिलाएं घूंघट में परीक्षा देने पहुंची थीं।
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डीसी सामुदायिक सहभागिता अरविंद कुमार ने बताया कि सफल परीक्षार्थियों को कक्षा पांच उत्तीर्ण का प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। परीक्षा देने के बाद निकलीं महिलाओं ने बताया कि यह अच्छी बहुत योजना है। परीक्षा के बाद हमें साक्षर होने का प्रमाणपत्र मिलेगा। हम सम्मान से जी सकेंगी। अनपढ़ होने का कलंक मिटेगा। इससे जिन लोगों को बचपन में पढ़ने का अवसर नहीं मिला। वे अब इस योजना के तहत पढ़कर एक प्रमाण पत्र प्राप्त पा सकेंगी। इससे हमारे आगे पढ़ने का भी मार्ग सरल होगा।
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कछवां क्षेत्र के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय कछवां में रविवार को कुल 10 ने परीक्षा दी। इसमें सात महिला और तीन पुरुष शामिल थे। इस केंद्र पर परीक्षा देने वाली तारा देवी ने बताया कि परीक्षा को देने के बाद वह बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। इससे उनकी पढ़ने की इच्छा और भी बढ़ी है। वे अपने पढ़ाई का क्रम आगे भी जारी रखेंगी। कहा कि घर के कामकाज के बीच पढ़ाई करना अपने आप में अलग अनुभव है।
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इसी केंद्र पर परीक्षा देने आई अनीता देवी ने बताया कि सरकार ने यह बहुत अच्छी योजना चलाई है हालांकि अभी तक इसके बारे में बहुत से लोगों को जानकारी नहीं है लेकिन जो लोग हमें देख रहे हैं वह भी परीक्षा केंद्र पर आकर शिक्षकों से इसके बारे में जानकारी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि वह भी इस परीक्षा में अगली बार शामिल होंगे।
इसी प्रकार कंचन ने कहा कि जब इस परीक्षा के लिए उन्होंने घर में तैयारी शुरू की तो पहले तो लोग बहुत हंसे लेकिन बाद में पूरे घर ने हमारा सहयोग किया। वह आगे बोलीं कि माता बच्चों की प्रथम शिक्षिका होती है। इसलिए उसका पढ़ा लिखा होना बहुत जरूरी है। अब वह आगे भी पढ़ाई करेंगी।