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तीसरे दिन भी नहीं बुझी आग
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हलिया। कैमूर वन क्षेत्र के सोनगढ़ा जंगल में लगी आग लगातार बढ़ती जा रही। तीन दिन से निरंतर कैमूर पहाड़ पर धधकती आग मध्य प्रदेश के लोढ़ीघाट से होते हुए कोढ़वाघाट तक लगभग पांच किलोमीटर तक फैल गई है।
वन विभाग की टीम आग बुझाने के प्रयास में लगी हुई है बावजूद इसके अभी तक कामयाबी नहीं मिली। कैमूर पहाड़ के मध्य भीषण धधकती आग मध्य प्रदेश के लोढ़ी घाट से होते हुए कोढ़वा घाट तक 5 किलोमीटर में फैल गई है। वन क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर फायर ब्रिगेड के वाहन भी नहीं पहुंच पा रहे। ऐसी स्थिति में कैमूर वन क्षेत्र में आग से घिरे जंगली जीव -जंतु सहित पेड़ और पौधे जलकर नष्ट हो रहे हैं। तेज धूप व आग की लपटों के आगे कर्मचारी व कार्य पर लगे श्रमिक भी लाचार नजर आ रहे हैं। तेज हवा के झोंके से आग तेजी से आगे की ओर बढ़ रही है। ड्रमंडगंज वन क्षेत्र में अर्जुन, आम, आंवला, कट सागौन ,शीशम, बांस, कत्था, सलई, जिगना, खिन्ना, ककोर, महुआ सहित अन्य पेड़ और पौधे आग की भेंट चढ़ रहे हैं।
पटेहरा। मड़िहान तहसील क्षेत्र के अमोई पुरवा के कचरिया जंगल में बुधवार को अचानक लगी आग से बटाईदार किसानों के खेत चपेट में आ गए। जिससे कईयों के गेहूं के फसल जलकर राख हो गए।
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दोपहर खेतों में लगी आग हवा के झोंके से विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते खेतों तक पहुंच गयी। बटाईदार किसानों ने निजी पंप चला कर घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा पाया तब तक चार बीघे चना, सरसो व गेंहू की फसल जल कर राख हो गयी। बटाईदार किसानों में पार्वती, रामअवध और नंदलाल आदि ने बताया कि हम लोग पप्पू सिंह का खेत लेकर अधिया बटाई पर खेती किए थे। फसल अच्छी थी। इसी के सहारे जीवन यापन होता लेकिन सबकुछ खाक हो गया।
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वन विभाग की टीम आग बुझाने के प्रयास में लगी हुई है बावजूद इसके अभी तक कामयाबी नहीं मिली। कैमूर पहाड़ के मध्य भीषण धधकती आग मध्य प्रदेश के लोढ़ी घाट से होते हुए कोढ़वा घाट तक 5 किलोमीटर में फैल गई है। वन क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर फायर ब्रिगेड के वाहन भी नहीं पहुंच पा रहे। ऐसी स्थिति में कैमूर वन क्षेत्र में आग से घिरे जंगली जीव -जंतु सहित पेड़ और पौधे जलकर नष्ट हो रहे हैं। तेज धूप व आग की लपटों के आगे कर्मचारी व कार्य पर लगे श्रमिक भी लाचार नजर आ रहे हैं। तेज हवा के झोंके से आग तेजी से आगे की ओर बढ़ रही है। ड्रमंडगंज वन क्षेत्र में अर्जुन, आम, आंवला, कट सागौन ,शीशम, बांस, कत्था, सलई, जिगना, खिन्ना, ककोर, महुआ सहित अन्य पेड़ और पौधे आग की भेंट चढ़ रहे हैं।
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पटेहरा। मड़िहान तहसील क्षेत्र के अमोई पुरवा के कचरिया जंगल में बुधवार को अचानक लगी आग से बटाईदार किसानों के खेत चपेट में आ गए। जिससे कईयों के गेहूं के फसल जलकर राख हो गए।
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दोपहर खेतों में लगी आग हवा के झोंके से विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते खेतों तक पहुंच गयी। बटाईदार किसानों ने निजी पंप चला कर घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा पाया तब तक चार बीघे चना, सरसो व गेंहू की फसल जल कर राख हो गयी। बटाईदार किसानों में पार्वती, रामअवध और नंदलाल आदि ने बताया कि हम लोग पप्पू सिंह का खेत लेकर अधिया बटाई पर खेती किए थे। फसल अच्छी थी। इसी के सहारे जीवन यापन होता लेकिन सबकुछ खाक हो गया।