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Mirzapur News: प्रशासन ने नोटिस भेजकर निभाई जिम्मेदारी, देखते ही देखते गंगा किनारे तन गए हजारों मकान

Sat, 11 Oct 2025 12:10 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Oct 2025 12:10 AM IST
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The administration fulfilled its responsibility by sending a notice, and within no time, thousands of houses were built on the banks of the Ganga.
गंगा करार पर बना मकान फोटो, संवाद
मिर्जापुर। नियमों को ताक पर रखकर शहर में अवैध कॉलोनियां इस कदर बन रहीं हैं कि घाट किनारे कई भवन गंगा में समाने की कगार पर हैं। कई भवन तो इतने खतरनाक हाल में हैं कि वह कभी भी कटान की जद में आ सकते हैं। प्रशासन नोटिस भेजकर अपनी जिम्मेदारी निभाने में व्यस्त है तो इधर देखते ही देखते गंगा किनारे हजारों मकान तन गए। फतहां से विंध्याचल तक घाटों के आसपास कई जगहों पर निर्माण चल रहा है। बरियाघाट, पक्काघाट पर भी अवैध निर्माण हो रहा है।
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अधिकारी नोटिस भेजने तक रहते हैं सक्रिय
अवैध निर्माण के मामले में प्राधिकरण के अधिकारी सिर्फ नोटिस भेजने तक ही सक्रिय रहते हैं। इसके बाद उनकी सक्रियता समाप्त हो जाती है। प्राधिकरण कार्यालय के आसपास भी अवैध निर्माण हो रहा है। शहर की ज्यादातर कृषि भूमि पर बीते कुछ सालों में अब अवैध कॉलोनियां बसा दी गईं हैं। बुनियादी सुविधाएं दिए बिना दलाल कृषि भूमि का सट्टा कराकर खरीदारों को महंगे दामों में बेच रहे हैं।
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घाटों पर नया निर्माण नहीं हो सकता
नियमानुसार घाटों पर किसी प्रकार के भवन का निर्माण नहीं हो सकता है। यदि पहले से कोई भवन बना हुआ है तो उसके अनुरक्षण कार्य के लिए प्राधिकरण की अनुमति आवश्यक है। प्राधिकरण की अनुमति के बाद ही उस भवन की मरम्मत हो सकती है। नए निर्माण की अनुमति नहीं है, यदि कोई इसके लिए प्रयास करता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का प्राविधान है।
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चार माह में भेजी गई है 600 नोटिस
शहर में विभिन्न जगहों पर हो रहे अवैध निर्माण में प्राधिकरण ने अब तक 600 नोटिस जारी कर संबंधित से जवाब मांगा है। यदि समय पर उचित जवाब नहीं मिला तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सिटी मजिस्ट्रेट और प्राधिकरण के सचिव विनीत उपाध्याय ने बताया कि चार महीनों में अब तक 600 भवन स्वामियों को नोटिस भेजी गई है। स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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