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Mirzapur News: सड़क की मरम्मत की मांग, ग्रामीणों का अनशन शुरू
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मड़िहान। तहसील क्षेत्र के कोटवा पांडेय ग्रामसभा की दलित बस्ती में ग्रामीणों ने सोमवार को जिलाधिकारी को दिए गए अल्टीमेटम के बाद मंगलवार सुबह आठ बजे से आंबेडकर पार्क में आंदोलन शुरू कर दिया। सड़क की मरम्मत नहीं होने से पांच बस्ती निवासी अनशन पर बैठ गए।
क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश, कृष्ण कुमार और छोटेलाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सोमवार को जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर सड़क की मरम्मत की मांग की थी। मरम्मत नहीं होने पर मंगलवार को प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर मंगलवार सुबह आठ बजे से बस्ती के लोग आंबेडकर पार्क में प्रदर्शन के लिए एकत्र हो गए। बस्ती निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने चार अन्य साथियों विकास कुमार, गोलू कुमार, छोटेलाल और पंकज कुमार के साथ अनशन शुरू किया है। कृष्ण कुमार ने कहा कि दलित बस्ती में 250 से अधिक मकानों में लगभग 2500 लोग रहते हैं। 15 वर्षों से सड़क पूरी तरह कीचड़ भरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। हालत यह है कि बस्ती में किसी बीमार को अस्पताल तक पहुंचाने में पसीने छूट जाते हैं। बारिश होते ही बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते।
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उन्होंने बताया कि कई बार प्रार्थना पत्र देने और आईजीआरएस पर ऑनलाइन शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने 21 सितंबर को जिलाधिकारी को पत्र देकर 22 सितंबर को धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।
अनशन की सूचना मिलते ही प्रशासन में हलचल मच गई। मौके पर पुलिस बल के साथ देहात कोतवाली इंस्पेक्टर अमित मिश्रा पहुंचे और कमान संभाली, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद मड़िहान तहसीलदार आशीष पांडेय भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने उनसे लिखित आश्वासन मांगा तो तहसीलदार चले गए। अनशन स्थल पर करीब 200 बस्ती निवासी जुटे हुए थे। अनशन में बैठे लोगों में राम सजीवन, दशरथ, रजनी देवी, मंजू देवी, सीता देवी, ममता देवी, प्रेमा देवी, सुशीला देवी आदि रहीं। संवाद
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क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश, कृष्ण कुमार और छोटेलाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सोमवार को जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर सड़क की मरम्मत की मांग की थी। मरम्मत नहीं होने पर मंगलवार को प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
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कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर मंगलवार सुबह आठ बजे से बस्ती के लोग आंबेडकर पार्क में प्रदर्शन के लिए एकत्र हो गए। बस्ती निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने चार अन्य साथियों विकास कुमार, गोलू कुमार, छोटेलाल और पंकज कुमार के साथ अनशन शुरू किया है। कृष्ण कुमार ने कहा कि दलित बस्ती में 250 से अधिक मकानों में लगभग 2500 लोग रहते हैं। 15 वर्षों से सड़क पूरी तरह कीचड़ भरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। हालत यह है कि बस्ती में किसी बीमार को अस्पताल तक पहुंचाने में पसीने छूट जाते हैं। बारिश होते ही बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते।
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उन्होंने बताया कि कई बार प्रार्थना पत्र देने और आईजीआरएस पर ऑनलाइन शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने 21 सितंबर को जिलाधिकारी को पत्र देकर 22 सितंबर को धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।
अनशन की सूचना मिलते ही प्रशासन में हलचल मच गई। मौके पर पुलिस बल के साथ देहात कोतवाली इंस्पेक्टर अमित मिश्रा पहुंचे और कमान संभाली, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद मड़िहान तहसीलदार आशीष पांडेय भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने उनसे लिखित आश्वासन मांगा तो तहसीलदार चले गए। अनशन स्थल पर करीब 200 बस्ती निवासी जुटे हुए थे। अनशन में बैठे लोगों में राम सजीवन, दशरथ, रजनी देवी, मंजू देवी, सीता देवी, ममता देवी, प्रेमा देवी, सुशीला देवी आदि रहीं। संवाद