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रथ से भ्रमण पर निकले ठाकुरजी
mirzapur news
Updated Fri, 18 Aug 2017 12:24 AM IST
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रथ यात्रा निकालते भक्त ।
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तीन दिवसीय ठाकुर जी का रथयात्रा मेला के पहले दिन फ़ूलों से सुसज्जित रथ पर सवार भगवान ठाकुर जी नगर भ्रमण पर निकले। रथयात्रा नगर क्षेत्र के सत्यागंज स्थित राधा कृष्ण स्थल समिति मंदिर के प्रांगण से गुरुवार की शाम निकाली गई।
फ़ूलों से सुसज्जित रथ पर आरूढ़ ठाकुर जी के दिव्य स्वरूप को देख भक्त निहाल हो रहे थे। सत्यागंज स्थित मंदिर से भगवान ठाकुर जी को मंगल कामना के साथ रथ पर सवार कर पुजारी द्वारा विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया। आरती के बाद मंदिर से रथयात्रा परंपरागत मार्ग से शुरू की गई जो नई बाजार से होते हुये कसरहट्टी बाजार ,चौक , तकिया ,खडंजा , सम्मेतर ,से पट्टीकला पहुंचा जहां थोड़ा समय विश्राम के बाद देर रात दुर्गा जी के मंदिर के प्रांगण मे पहुंच गया, यहां रात मे कजली का भी आयोजन किया गया था ।इससे पूर्व घरो की छतों पर खड़ी महिलाएं और बच्चे जगह -जगह पुष वर्षा के साथ मंगल गान गाती रहे।ठाकुर जी के रथ को खींचने को लेकर भक्तों में होड़ मची रही। भजन कीर्तन के साथ ही जगह जगह प्रसाद वितरण भी किया गया ।
मान्यता है की भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दो दिन बाद तीन दिन तक वन विहार के लिए ठाकुर जी निकलते हैं एकादशी के दिन अहरौरा जलाशय पर ठाकुर जी के अगुवाई मे ऐतिहासिक विराट दंगल का आयोजन किया जाता है जहां दूर दूर से पहलवान जोर आजमाइश के लिए आते हैं। इसके बाद मेला के तीसरे दिन गोला कन्हैया साव में विश्राम कर यात्रा पुन : मंदिर परिसर पर पहुंचती है और मेला का समापन होता है ।इस दौरान मंदिर के पुजारी अमरेश चंद्र ,समिति के अध्यक्ष पारस केसरी , राजकुमार ,विजय वैध ,राजिंदर प्रसाद , नीतीश केसरी , सहित सैकड़ो की संख्या मे श्रध्दालु मौजूद रहे !
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सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी।
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फ़ूलों से सुसज्जित रथ पर आरूढ़ ठाकुर जी के दिव्य स्वरूप को देख भक्त निहाल हो रहे थे। सत्यागंज स्थित मंदिर से भगवान ठाकुर जी को मंगल कामना के साथ रथ पर सवार कर पुजारी द्वारा विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया। आरती के बाद मंदिर से रथयात्रा परंपरागत मार्ग से शुरू की गई जो नई बाजार से होते हुये कसरहट्टी बाजार ,चौक , तकिया ,खडंजा , सम्मेतर ,से पट्टीकला पहुंचा जहां थोड़ा समय विश्राम के बाद देर रात दुर्गा जी के मंदिर के प्रांगण मे पहुंच गया, यहां रात मे कजली का भी आयोजन किया गया था ।इससे पूर्व घरो की छतों पर खड़ी महिलाएं और बच्चे जगह -जगह पुष वर्षा के साथ मंगल गान गाती रहे।ठाकुर जी के रथ को खींचने को लेकर भक्तों में होड़ मची रही। भजन कीर्तन के साथ ही जगह जगह प्रसाद वितरण भी किया गया ।
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मान्यता है की भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दो दिन बाद तीन दिन तक वन विहार के लिए ठाकुर जी निकलते हैं एकादशी के दिन अहरौरा जलाशय पर ठाकुर जी के अगुवाई मे ऐतिहासिक विराट दंगल का आयोजन किया जाता है जहां दूर दूर से पहलवान जोर आजमाइश के लिए आते हैं। इसके बाद मेला के तीसरे दिन गोला कन्हैया साव में विश्राम कर यात्रा पुन : मंदिर परिसर पर पहुंचती है और मेला का समापन होता है ।इस दौरान मंदिर के पुजारी अमरेश चंद्र ,समिति के अध्यक्ष पारस केसरी , राजकुमार ,विजय वैध ,राजिंदर प्रसाद , नीतीश केसरी , सहित सैकड़ो की संख्या मे श्रध्दालु मौजूद रहे !
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सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी।