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शासन की नीतियों से शिक्षकों में पैदा हुआ भय का माहौल
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बरियाघाट स्थित बीएसए कार्यकालय के परिसर पर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन गि उत्तर प्रदेश मह?
- फोटो : MIRZAPUR
मिर्जापुर। बरियाघाट स्थित जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ की ओर से धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदशन में विभिन्न संगठनों ने एक बैनर के तले होकर सामूहिक अवकाश लिया और सरकार की नीतियों का विरोध किया। मुख्य मंत्री को संबोधित 18 सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया।
महासंघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि गुरु की महत्ता वाले देश में आज गुरु अपने भविष्य को लेकर चिंताग्रस्त है। यह बहुत ही निराशाजनक है। न्यूनतम सुविधाओं के साथ शिक्षक आज शिक्षण कार्य करने को विवश है। गणेश प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षक सिर्फ विद्यालयों में ही पढ़ाना चाहता है लेकिन सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों से उसमें भय व्याप्त है और वह अपने भविष्य के लिए सशंकित है। लगातार पदों में हो रही कटौती बेरोजगारी तो बढ़ा ही रही है। गुणवत्ता को भी नीचे ला रही है। विजय शंकर त्रिपाठी ने कहा हजारों पदों की कटौती कर शिक्षकों की उन्नति का मार्ग अवरुद्ध किया जा रहा है। रामअचल व बलवंत सिंह ने कहा सरकार की अव्यवहारिक नीतियों के कारण ही शिक्षक अपने परिवार से दूर रहकर शिक्षण कार्य करने को विवश है। संचालन राम अचल सिंह ने किया। इस अवसर पर केदारनाथ दुबे, उमाकांत मिश्र, अभिमन्यु सिंह, शान मोहम्मद, इंद्रभूषण उपाध्याय, मनोज राय, विंध्येश त्रिपाठी, सुशील सिंह, राजेश कुमार, शशि प्रकाश पांडेय आदि थे।
उधर पथरहिया स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पर मंगलवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की मंडल शाखा ने धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री व मुख्यसचिव को संबोधित 24 सूत्री मांगपत्र मंडलायुक्त को सौंपा गया। मांग की गई कि उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर मोहनलाल यादव, जगदीश प्रसाद खरवार, नरेश शर्मा, विजयलाल दुबे, लवकुमार यादव, बबलू खां, गुलाबचंद मौर्य, कैलाश दुबे, सुनील कुमार आदि थे।
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महासंघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि गुरु की महत्ता वाले देश में आज गुरु अपने भविष्य को लेकर चिंताग्रस्त है। यह बहुत ही निराशाजनक है। न्यूनतम सुविधाओं के साथ शिक्षक आज शिक्षण कार्य करने को विवश है। गणेश प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षक सिर्फ विद्यालयों में ही पढ़ाना चाहता है लेकिन सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों से उसमें भय व्याप्त है और वह अपने भविष्य के लिए सशंकित है। लगातार पदों में हो रही कटौती बेरोजगारी तो बढ़ा ही रही है। गुणवत्ता को भी नीचे ला रही है। विजय शंकर त्रिपाठी ने कहा हजारों पदों की कटौती कर शिक्षकों की उन्नति का मार्ग अवरुद्ध किया जा रहा है। रामअचल व बलवंत सिंह ने कहा सरकार की अव्यवहारिक नीतियों के कारण ही शिक्षक अपने परिवार से दूर रहकर शिक्षण कार्य करने को विवश है। संचालन राम अचल सिंह ने किया। इस अवसर पर केदारनाथ दुबे, उमाकांत मिश्र, अभिमन्यु सिंह, शान मोहम्मद, इंद्रभूषण उपाध्याय, मनोज राय, विंध्येश त्रिपाठी, सुशील सिंह, राजेश कुमार, शशि प्रकाश पांडेय आदि थे।
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उधर पथरहिया स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पर मंगलवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की मंडल शाखा ने धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री व मुख्यसचिव को संबोधित 24 सूत्री मांगपत्र मंडलायुक्त को सौंपा गया। मांग की गई कि उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर मोहनलाल यादव, जगदीश प्रसाद खरवार, नरेश शर्मा, विजयलाल दुबे, लवकुमार यादव, बबलू खां, गुलाबचंद मौर्य, कैलाश दुबे, सुनील कुमार आदि थे।
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