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अधिक धन लेना बंद हो
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Mon, 18 Jan 2016 11:58 PM IST
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जिले में मेडिकल स्टोर एवं थोक लाइसेंस के लिए औषधि निरीक्षक एवं बाबू
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द्वारा शुल्क से अधिक पैसे मांगे जाने के विरोध में मिर्जापुर फार्मासिस्ट
फाउंडेशन की ओर से सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया।
आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोर के लिए औषधि निरीक्षक द्वारा 30-40 हजार रुपये तथा थोक लाइसेंस के लिए 60-80 हजार रुपये की मांग की जाती है।मिर्जापुर फार्मासिस्ट फाउंडेशन के तत्वावधान में सोमवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर समस्या से अवगत कराया गया।
कहा गया कि मेडिकल स्टोर एवं थोक लाइसेंस के लिए तो पैसे की मांग की ही जाती है इसके अलावा मेडिकल स्टोर के स्थानांतरण के लिए भी हजारों रुपये की मांग की जाती है। कहा गया कि जिले के अधिकांश मेडिकल स्टोर अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं,
जिसके कारण तमाम तरह की प्रतिबंधित औषधियों का धड़ल्ले से क्रय-विक्रय किया जा रहा है। कहा गया कि यह फार्मेसी एक्ट 1948 का घोर उल्लंघन भी है, क्योंकि इसमें सीधा यह निर्देश है कि फार्मासिस्ट ही दवा का भंडारण एवं क्रय-विक्रय कर सकता है,
अगर अप्रशिक्षित व्यक्ति औषधियों का क्रय-विक्रय करता है तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मांग की गई कि जिले में चल रहे अवैध मेडिकल स्टोर के संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई करें। प्रदर्शन करने वालों में संदीप सिंह, संपूर्णानंद, रिजवान अहमद, कृष्ण कुशवाहा, संतोष यादव, अतुल पंाडेय, संतोष यादव आदि उपस्थित रहे।
आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोर के लिए औषधि निरीक्षक द्वारा 30-40 हजार रुपये तथा थोक लाइसेंस के लिए 60-80 हजार रुपये की मांग की जाती है।मिर्जापुर फार्मासिस्ट फाउंडेशन के तत्वावधान में सोमवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर समस्या से अवगत कराया गया।
कहा गया कि मेडिकल स्टोर एवं थोक लाइसेंस के लिए तो पैसे की मांग की ही जाती है इसके अलावा मेडिकल स्टोर के स्थानांतरण के लिए भी हजारों रुपये की मांग की जाती है। कहा गया कि जिले के अधिकांश मेडिकल स्टोर अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं,
जिसके कारण तमाम तरह की प्रतिबंधित औषधियों का धड़ल्ले से क्रय-विक्रय किया जा रहा है। कहा गया कि यह फार्मेसी एक्ट 1948 का घोर उल्लंघन भी है, क्योंकि इसमें सीधा यह निर्देश है कि फार्मासिस्ट ही दवा का भंडारण एवं क्रय-विक्रय कर सकता है,
अगर अप्रशिक्षित व्यक्ति औषधियों का क्रय-विक्रय करता है तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मांग की गई कि जिले में चल रहे अवैध मेडिकल स्टोर के संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई करें। प्रदर्शन करने वालों में संदीप सिंह, संपूर्णानंद, रिजवान अहमद, कृष्ण कुशवाहा, संतोष यादव, अतुल पंाडेय, संतोष यादव आदि उपस्थित रहे।