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डीजे व ढोल की धुन पर लगा मां का जयकारा
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ऑटो से मां की मूर्ति विसर्जन के लिए लेकर जाते युवक।
- फोटो : MIRZAPUR
मिर्जापुर। नगर क्षेत्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का सोमवार को देहात कोतवाल क्षेत्र के खड़ंजा जलाशय में विसर्जन किया गया। युवाओं की टोली ने गाते बजाते विसर्जन किया। कोविड- 19 के तहत प्रत्येक प्रतिमा के साथ पांच ही लोग जा सके।
नगर में तकरीबन पांच दर्जन से अधिक स्थानों पर प्रतिमा की स्थापना की गई थी। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी प्रतिमा की स्थापना की थी। जंवार व कलश के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। प्रशासन के निर्देश पर अधिकतर जगहों पर केवल प्रतिमा की स्थापना कर पूजा अर्चना ही की गई थी। कुछ ही पंडाल आम श्रद्धालु के लिए खुले थे, हालांकि वहां भी कम संख्या में ही लोग पहुंचे। नगर में इस कारण सोमवार को ट्रैफिक में भी कोई व्यवधान नहीं पड़ जबकि अन्य वर्षों में बड़े- बड़े जुलूस या शोभायात्रा निकलने से प्राय: ट्रैफिक जाम हो जाता था। नगर के बरियाघाट, मुकेरी बाजार, टटहाई रोड, लालडिग्गी, नारघाट, खंदवा नाला व अन्य जगहों पर प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी।
नौ दिनों की पूजा अर्चना के बाद जब पंडालों से दुर्गा प्रतिमाओं को उठाया जाने लगा तो अधिकांश जगहों से दुर्गा प्रतिमाओं के साथ साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने उनको भावभीनी विदाई दी। कोई पंखा झल रहा था तो कोई चरण स्पर्श का प्रयास कर रहा था। कोई तो दूर से ही पुष्पवर्षा कर रहा था। विदाई के समय नम आंखों से महिलाओं ने मां का जयकारा लगाया और अगले वर्ष फिर से आने का मनुहार किया।
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सुंदरघाट स्थित श्रीश्री सार्वजनिन हरिसभा में मां के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश का विसर्जन भी सोमवार को ही किया गया। हालांकि परंपरागत रूप से बंगाली समुदाय विजयदशमी के दिन ही विसर्जन करता है लेकिन इस बार उन्होंने तिथि के अनुसार सोमवार को विसर्जन किया। विसर्जन के पूर्व बंगाली महिलाओं ने सिंदूर खेला कर परंपरागत रूप से मां का आशीर्वाद लिया और रोते हुए उनको विदाई दी।
विसर्जन के लिए खड़ंजा जलाशय पर जिला प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह, तहसीलदार सदर योगेंद्र शरण शाह व अन्य की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस बल भी उपस्थित रहा। प्रशासन की देखेरख में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह ने बताया कि शाम पांच बजे तक 96 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
शारदीय नवरात्र में ग्राम्याचंलो में स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा सोमवार को गाजेबाजे के साथ विसर्जित किया गया।
लालगंज, स्टेशन रोड, लहंगपुर, दुबार, बरकछ समेत अन्य थानों पर स्थापित प्रतिमा सोमवार को विसर्जन किया गया। हलिया, क्षेत्र के विभिन्न गांवों स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का कुछ लोगों ने रविवार तो कुछ ने सोमवार को विसर्जन किया। अहुगी कला, अहुगी खुर्द ,गलरिया, पंवारी, मनिगढा, पिपरा,की दुर्गा प्रतिमाएं रविवार को विसर्जित की गई है। वहीं सोमवार को सुबांव कला, बरुआ, भैसोड वलाय पहाड़, बडौही, भटवारी, नदना, दिघिया, सगरा, मटिहरा, खम्हरिया, सिलहटा, हथेड़ा, गड़बड़ा गोकुल, मड़वा धनावल, बबुरा कला, बबुरा रघुनाथ सिंह, खोदाईपुर, बंजारी कला, सिकटा, नौगंवा, रतेह की मां दुर्गा प्रतिमाएं पुलिस बल की देख रेख में चिह्नित तालाब एवं पोखरों में विसर्जित किए गए। चुनार, नगर के विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाएं प्रशासन की ओर से निर्धारित उस्मानपुर आश्चर्य कूप के पास स्थित विसर्जित किया गया। अधिकांश पूजा समितियों की ओर से छोटी प्रतिमा रखकर पूजन अर्चन किया था।
भंडारे का आयोजन
हलिया। थाना क्षेत्र के बरी स्थित पावर हाउस पर नौ दिनों तक मां दुर्गा उपासना व पूजा- पाठ के बाद रविवार को भंडारे का आयोजन किया। सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। स्थानीय लोगों तथा बिजली विभाग के कर्मियों के सहयोग से भंडारे में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया। इस दौरान जेई आलोक ओझा, विरेंद्र सिंह, दीपू तिवारी गोविंद गुप्ता, मिथिलेश दुबे, डीके सोनकर, प्रेम शंकर मौर्य, राजेश कुमार, अकरम अली, नंदगोपाल सोनकर, रामजी आदि उपस्थित रहे।
ढोल नगाड़े लेकर निकले
कछवां। स्थानीय नगर पंचायत, जमुआं, पाहों, अख्तियारपुर समेत क्षेत्र के दर्जनों पूजा पंडालों से मां दुर्गा की प्रतिमा सोमवार को ढोल व नगाड़ों के साथ- साथ तालाब व पोखरों में विसर्जित किया गया। नव युवक कल्याण समिति दुर्गा पूजा पंडाल में स्थापित व रायल क्लब, जय मां दुर्गा क्लब समेत सभी प्रतिमाओं को सादगी ढंग से नगर का भ्रमण करते हुए विसर्जन किए गए। विसर्जन के दौरान चेयरमैन पंधारी कुमार यादव, पंडाल अध्यक्ष अमित रस्तोगी, कोषाध्यक्ष जगरन्नाथ रस्तोगी, लवकुश रस्तोगी, जगदीश उमर, जयप्रकाश मोदनवाल, हरिओम रस्तोगी, काजू जायसवाल, शिवम् मोदनवाल, शिवपूजन मोदनवाल आदि मौजूद रहे।
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नगर में तकरीबन पांच दर्जन से अधिक स्थानों पर प्रतिमा की स्थापना की गई थी। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी प्रतिमा की स्थापना की थी। जंवार व कलश के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। प्रशासन के निर्देश पर अधिकतर जगहों पर केवल प्रतिमा की स्थापना कर पूजा अर्चना ही की गई थी। कुछ ही पंडाल आम श्रद्धालु के लिए खुले थे, हालांकि वहां भी कम संख्या में ही लोग पहुंचे। नगर में इस कारण सोमवार को ट्रैफिक में भी कोई व्यवधान नहीं पड़ जबकि अन्य वर्षों में बड़े- बड़े जुलूस या शोभायात्रा निकलने से प्राय: ट्रैफिक जाम हो जाता था। नगर के बरियाघाट, मुकेरी बाजार, टटहाई रोड, लालडिग्गी, नारघाट, खंदवा नाला व अन्य जगहों पर प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी।
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नौ दिनों की पूजा अर्चना के बाद जब पंडालों से दुर्गा प्रतिमाओं को उठाया जाने लगा तो अधिकांश जगहों से दुर्गा प्रतिमाओं के साथ साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने उनको भावभीनी विदाई दी। कोई पंखा झल रहा था तो कोई चरण स्पर्श का प्रयास कर रहा था। कोई तो दूर से ही पुष्पवर्षा कर रहा था। विदाई के समय नम आंखों से महिलाओं ने मां का जयकारा लगाया और अगले वर्ष फिर से आने का मनुहार किया।
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सुंदरघाट स्थित श्रीश्री सार्वजनिन हरिसभा में मां के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश का विसर्जन भी सोमवार को ही किया गया। हालांकि परंपरागत रूप से बंगाली समुदाय विजयदशमी के दिन ही विसर्जन करता है लेकिन इस बार उन्होंने तिथि के अनुसार सोमवार को विसर्जन किया। विसर्जन के पूर्व बंगाली महिलाओं ने सिंदूर खेला कर परंपरागत रूप से मां का आशीर्वाद लिया और रोते हुए उनको विदाई दी।
विसर्जन के लिए खड़ंजा जलाशय पर जिला प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह, तहसीलदार सदर योगेंद्र शरण शाह व अन्य की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस बल भी उपस्थित रहा। प्रशासन की देखेरख में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह ने बताया कि शाम पांच बजे तक 96 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
शारदीय नवरात्र में ग्राम्याचंलो में स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा सोमवार को गाजेबाजे के साथ विसर्जित किया गया।
लालगंज, स्टेशन रोड, लहंगपुर, दुबार, बरकछ समेत अन्य थानों पर स्थापित प्रतिमा सोमवार को विसर्जन किया गया। हलिया, क्षेत्र के विभिन्न गांवों स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का कुछ लोगों ने रविवार तो कुछ ने सोमवार को विसर्जन किया। अहुगी कला, अहुगी खुर्द ,गलरिया, पंवारी, मनिगढा, पिपरा,की दुर्गा प्रतिमाएं रविवार को विसर्जित की गई है। वहीं सोमवार को सुबांव कला, बरुआ, भैसोड वलाय पहाड़, बडौही, भटवारी, नदना, दिघिया, सगरा, मटिहरा, खम्हरिया, सिलहटा, हथेड़ा, गड़बड़ा गोकुल, मड़वा धनावल, बबुरा कला, बबुरा रघुनाथ सिंह, खोदाईपुर, बंजारी कला, सिकटा, नौगंवा, रतेह की मां दुर्गा प्रतिमाएं पुलिस बल की देख रेख में चिह्नित तालाब एवं पोखरों में विसर्जित किए गए। चुनार, नगर के विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाएं प्रशासन की ओर से निर्धारित उस्मानपुर आश्चर्य कूप के पास स्थित विसर्जित किया गया। अधिकांश पूजा समितियों की ओर से छोटी प्रतिमा रखकर पूजन अर्चन किया था।
भंडारे का आयोजन
हलिया। थाना क्षेत्र के बरी स्थित पावर हाउस पर नौ दिनों तक मां दुर्गा उपासना व पूजा- पाठ के बाद रविवार को भंडारे का आयोजन किया। सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। स्थानीय लोगों तथा बिजली विभाग के कर्मियों के सहयोग से भंडारे में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया। इस दौरान जेई आलोक ओझा, विरेंद्र सिंह, दीपू तिवारी गोविंद गुप्ता, मिथिलेश दुबे, डीके सोनकर, प्रेम शंकर मौर्य, राजेश कुमार, अकरम अली, नंदगोपाल सोनकर, रामजी आदि उपस्थित रहे।
ढोल नगाड़े लेकर निकले
कछवां। स्थानीय नगर पंचायत, जमुआं, पाहों, अख्तियारपुर समेत क्षेत्र के दर्जनों पूजा पंडालों से मां दुर्गा की प्रतिमा सोमवार को ढोल व नगाड़ों के साथ- साथ तालाब व पोखरों में विसर्जित किया गया। नव युवक कल्याण समिति दुर्गा पूजा पंडाल में स्थापित व रायल क्लब, जय मां दुर्गा क्लब समेत सभी प्रतिमाओं को सादगी ढंग से नगर का भ्रमण करते हुए विसर्जन किए गए। विसर्जन के दौरान चेयरमैन पंधारी कुमार यादव, पंडाल अध्यक्ष अमित रस्तोगी, कोषाध्यक्ष जगरन्नाथ रस्तोगी, लवकुश रस्तोगी, जगदीश उमर, जयप्रकाश मोदनवाल, हरिओम रस्तोगी, काजू जायसवाल, शिवम् मोदनवाल, शिवपूजन मोदनवाल आदि मौजूद रहे।