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मानक बेमानी, स्कूल वाहनों में मनमानी
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:53 AM IST
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भदोही के माधोसिंह के पास कैयरमऊ मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर गत दिनों हुए हादसे के बावजूद विद्यालय प्रबंधन नहीं चेत रहे हैं। विद्यालय प्रबंधकों ने मानक को ताक पर रख कर स्कूली वाहनों का संचालन कर रहे हैं। चालक वाहनों की क्षमता से कई गुना ज्यादा बच्चों को ले जाते हैं। हादसे के बाद अब आरटीओ विभाग ने ऐसे लापरवाह वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। फिर भी इन पर लगाम नहीं लग पा रहा है।
जिले में इस समय करीब 250 छोटे बड़े इंग्लिश और हिंदी मीडियम विद्यालय हैं। उनके हजारों छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल तक ले आने व घर पहुुंचाने के लिए 800 वाहन चलते हैं। जिसमें मात्र 463 वाहन आरटीओ विभाग में पंजीकृत हैं। विद्यालय प्रबंधन बच्चों के अभिभावकों से बेहतर शिक्षा व सुविधा के नाम पर हजारों रुपये फीस तो ले रहे हैं लेकिन जब उनके सुरक्षा की बात आती है तो कन्नी काट लेते हैं। बच्चों को घर से लाने व पहुंचाने की जिम्मेदारी वाहन चालकों पर छोड़ दी जाती है। जिसका फायदा उठाते हुए वाहन चालक मनमानी करते हैं।
प्रशासन भी इस मामले में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं कर पाया है और मनमानी जारी है। चालक दर्जनाें बच्चों को अपने वाहन में भर कर सड़कों पर फर्राटा दौड़ते नजर आते रहते हैं। फिर चाहे बस हो आटो, मारुति या कोई अन्य वाहन सभी इस श्रेणी में शामिल हैं। सबसे बड़ी लापरवाही आटो चालक व मैजिक चालक बरतते हैं। जो बिना नियम-कानून के वाहनों को चलाने का काम करते हैं। जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इसी का नतीजा गत दिनों भदोही जनपद के माधोसिंह के पास मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर देखने को मिला। चालक की जरा सी लापरवाही के चलते दस बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ गई। जबकि कई अभी भी जीवन मौत से जूझ रहे हैं।
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जिले में इस समय करीब 250 छोटे बड़े इंग्लिश और हिंदी मीडियम विद्यालय हैं। उनके हजारों छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल तक ले आने व घर पहुुंचाने के लिए 800 वाहन चलते हैं। जिसमें मात्र 463 वाहन आरटीओ विभाग में पंजीकृत हैं। विद्यालय प्रबंधन बच्चों के अभिभावकों से बेहतर शिक्षा व सुविधा के नाम पर हजारों रुपये फीस तो ले रहे हैं लेकिन जब उनके सुरक्षा की बात आती है तो कन्नी काट लेते हैं। बच्चों को घर से लाने व पहुंचाने की जिम्मेदारी वाहन चालकों पर छोड़ दी जाती है। जिसका फायदा उठाते हुए वाहन चालक मनमानी करते हैं।
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प्रशासन भी इस मामले में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं कर पाया है और मनमानी जारी है। चालक दर्जनाें बच्चों को अपने वाहन में भर कर सड़कों पर फर्राटा दौड़ते नजर आते रहते हैं। फिर चाहे बस हो आटो, मारुति या कोई अन्य वाहन सभी इस श्रेणी में शामिल हैं। सबसे बड़ी लापरवाही आटो चालक व मैजिक चालक बरतते हैं। जो बिना नियम-कानून के वाहनों को चलाने का काम करते हैं। जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इसी का नतीजा गत दिनों भदोही जनपद के माधोसिंह के पास मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर देखने को मिला। चालक की जरा सी लापरवाही के चलते दस बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ गई। जबकि कई अभी भी जीवन मौत से जूझ रहे हैं।
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