UP: 'मैं डिप्टी CM का बेटा बोल रहा हूं...' SSP पर दबाव बना रहे थे शातिर, दो अरेस्ट; अपहरण से जुड़ा है यह मामला
मिर्जापुर में ठेले वाले के अपहरण के आरोप में दोनों की तलाश की जा रही थी। इसके पहले दोनों अलग-अलग नंबरों से पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर दबाव बना रहे थे। एसएसपी के पीआरओ ने शक के आधार पर जांच करवाई तो दोनों डिप्टी सीएम के बेटे ही नहीं थे।
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Mirzapur Crime: कुछ दिन पहले गाड़ी में टक्कर लगने के बाद ठेले वाले का अपहरण करने वाले मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी अधिकारियों के मोबाइल पर फोन कर दबाव बना रहे थे। एसएसपी के सीयूजी नंबर पर फोन कर खुद को डिप्टी सीएम का बेटा बताकर दबाव बनाने पर पुलिस ने गुरुवार को दो आरोपियों को बीएलजे मैदान महुवरिया से गिरफ्तार कर लिया।
कुछ दिन पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के सारीपुर में एक लग्जरी गाड़ी में ठेले से टक्कर लग गई थी। इस पर गाड़ी में सवार लोगों ने ठेले वाले का अपहरण कर लिया था। कुछ देर बाद पुलिस ने ठेले वाले को मुक्त करा लिया था।
इस मामले में पुलिस ने बौरिया, थाना रामपुर, जनपद जौनपुर निवासी राजन तिवारी और अनुज मौर्या के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद दोनों आरोपी अलग-अलग नंबरों से अधिकरियों को फोन कर राजनेताओं का नाम लेकर कार्रवाई न करने का दबाव बना रहे थे।
पुलिस खंगाल रही आपराधिक रिकाॅर्ड
गुरुवार को एक आरोपी ने एसएसपी के सीयूजी नंबर पर फोन कर खुद को डिप्टी सीएम का बेटा बताते हुए दबाव बनाने लगा। बातचीत करते समय एसएसपी के पीआरओ को शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से दो मोबाइल बरामद किए गए हैं।
सीओ सदर अमर बहादुर ने बताया कि एसएसपी के सीयूजी नंबर पर फोन कर एक बड़े राजनेता का बेटा बताते हुए दबाव बनाने और परेशान करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों जौनपुर में भी ऐसा करने पर आठ मुकदमे दर्ज हैं।