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डेढ़ माह बाद भी शिक्षामित्र हत्याकांड का खुलासा नहीं
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अदलहाट। थाना क्षेत्र के डेहरी गांव में डेढ़ माह पूर्व हुए शिक्षामित्र हत्याकांड का पुलिस खुलासा करने में नाकाम साबित हुई है जबकि पुलिस ने हत्या के बाद छानबीन में अहम सुराग हाथ लगने का दावा करते हुए जल्द खुलासे की बात कही थी।
थाना क्षेत्र के डेहरी गांव निवासी विजय लक्ष्मी 45 वर्ष पत्नी चन्द्र शेखर की 14 सितंबर की रात बदमाशों ने घर में घुस कर उसका हाथ-पैर को चारपाई में बांध कर गला दबा कर हत्या कर दिया था। घर में रखे अलमारी से जेवरात भी चोरी कर ले गए। विजय लक्ष्मी गांव में ही प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर नियुक्त थी। उसके पति चन्द्रशेखर सदर तहसील के जिगना में लेखपाल हैं। उनका एक पुत्री अनुष्का रंजन व दो पुत्र है। पुत्र वीरेश आनन्द लखनऊ में पढ़ता है। छोटा पुत्र अर्पित आनन्द बहन के साथ वाराणसी में रहकर पढ़ाई करता है। 15 सितम्बर की सुबह पुत्री अनुष्का घर आई तो मकान का गेट अंदर से बंद था। चहारदिवारी फांद कर अन्दर गई तो अपनी मां को चारपाई में बंधा व मृत देखा। आलमारी से सामान चोरी करने के बाद चोर चारपाई के पास ही चाभी रखे थे। पुलिस ने मोबाइल फोन से काल डिटेल की छानबीन करने के बाद अहम सुराग मिलने का दावा करते हुए जल्द मामले का खुलासा करने का दवा किया था, पर डेढ़ माह से अधिक का समय बीतने के बाद मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है।
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थाना क्षेत्र के डेहरी गांव निवासी विजय लक्ष्मी 45 वर्ष पत्नी चन्द्र शेखर की 14 सितंबर की रात बदमाशों ने घर में घुस कर उसका हाथ-पैर को चारपाई में बांध कर गला दबा कर हत्या कर दिया था। घर में रखे अलमारी से जेवरात भी चोरी कर ले गए। विजय लक्ष्मी गांव में ही प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर नियुक्त थी। उसके पति चन्द्रशेखर सदर तहसील के जिगना में लेखपाल हैं। उनका एक पुत्री अनुष्का रंजन व दो पुत्र है। पुत्र वीरेश आनन्द लखनऊ में पढ़ता है। छोटा पुत्र अर्पित आनन्द बहन के साथ वाराणसी में रहकर पढ़ाई करता है। 15 सितम्बर की सुबह पुत्री अनुष्का घर आई तो मकान का गेट अंदर से बंद था। चहारदिवारी फांद कर अन्दर गई तो अपनी मां को चारपाई में बंधा व मृत देखा। आलमारी से सामान चोरी करने के बाद चोर चारपाई के पास ही चाभी रखे थे। पुलिस ने मोबाइल फोन से काल डिटेल की छानबीन करने के बाद अहम सुराग मिलने का दावा करते हुए जल्द मामले का खुलासा करने का दवा किया था, पर डेढ़ माह से अधिक का समय बीतने के बाद मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है।
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