लालगंज। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रविनंदन दुबे की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को कठवार गांव में संघर्ष, नैतिकता और बदलते गांव विषय पर विचार गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि पूर्व गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन केवल सत्ता की नहीं बल्कि समाज में चेतना संचार की लड़ाई थी। महापुरुषों के नैतिक मूल्यों को आचरण में उतारकर ही समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि सेनानियों का संघर्ष ग्रामीण परिवेश में न्याय और आत्मसम्मान की सामूहिक जीत थी। विशिष्ट अतिथि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान में सुविधाएं बढ़ी हैं लेकिन सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध को और मजबूत करना होगा। क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर सिंह ने कहा कि सेनानियों का संघर्ष समाज में नया विश्वास पैदा करता है। अध्यक्षता करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष गंगासागर दुबे ने कहा कि सेनानी का जीवन शिक्षा और समाज के लिए मार्गदर्शक है।गोष्ठी में चंद्रमणि दुबे, चंद्रदत्त त्रिपाठी, पूर्व मेजर कैलाश दुबे, कैलाशपति त्रिपाठी, शशि भूषण दुबे ने भी विचार रखे। संचालन प्रमोद दुबे ने किया। इस दौरान महेंद्र तिवारी, त्रिलोकी सिंह, कमलेश मिश्रा, हूबलाल दुबे व बालकृष्ण मिश्र समेत अन्य मौजूद रहे।