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11 वर्ष बाद पाकिस्तान की जेल से लौटा पुनवासी फिर हुआ लापता
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पटेहरा। 11 वर्षों के बाद पाकिस्तान की जेल से वतन लौटा पुनवासी सोमवार की दोपहर बहुती बसईटा से फिर लापता हो गया। शाम को घर पर न मिलने पर परिजनों ने आस-पास के गांव में खोजबीन की, पर उसका पता नहीं चला। पुनवासी के न मिलने पर परेशान उसकी बहन ने मंगलवार को लालगंज थाने पर फोन कर उसके लापता होने की जानकारी दी
। देहात कोतवाली के भरुहना निवासी पुनवासी 11 वर्ष पहले 2009 में भटककर पाकिस्तान चला गया था। दो वर्ष पूर्व पाकिस्तान की सरकार ने मानसिक रूप से कमजोर हो चुके पुनवासी द्वारा बताए गए अधूरे नाम पते की जानकारी भारत सरकार को भेजी। इसकी सूचना मिर्जापुर में आई। इसके बाद जिले के एलआईयू निरीक्षक इंद्र भूषण यादव ने दो वर्ष के अथक प्रयास के बाद किसी तरह से पुनवासी का पता खोजा। 17 नवंबर को पुनवासी को अटारी बार्डर पर बीएसएफ को सौंपा गया। अमर उजाला के अभियान के बाद पांच जनवरी को जिला प्रशासन की मदद से पुनवासी की बहन किरण और जीजा मुन्नू उसे लेकर मिर्जापुर आए। अमर उजाला की पहल पर लोगों ने उनकी मदद की। प्रशासन ने सिर्फ आश्वासन दिया। पुनवासी अपनी बहन के घर बहुती बसइटा रह रहा था। सोमवार को बहन काम पर चली गई। बहनोई बकरी चराने चला गया। किरण के दोनों पुत्र मिर्जापुर काम के लिए चला गया। घर पर बहू अकेले थी। दोपहर में बहू कपड़ा धोने के लिए बगल के नल पर गयी थी। दोपहर बाद लगभग तीन बजे अचानक पुनवासी घर से निकला और लापता हो गया। शाम को जब परिजन घर पहुंचे तो पुनवासी के लापता होने की जानकारी मिली। पुनवासी के लापता होने पर बहन रोने लगी। सोमवार की रात बहन-बहनोई आस-पास के गांव में पुनवासी की तलाश किए पर कहीं पर उसका पता नहीं चला। मंगलवार को बहन ने लालगंज थाने पर फोन कर भाई के लापता होने की सूचना देकर मदद की गुहार लगाया। इस मामले में लालगंज पुलिस ने अनभिज्ञता जाहिर किया।
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। देहात कोतवाली के भरुहना निवासी पुनवासी 11 वर्ष पहले 2009 में भटककर पाकिस्तान चला गया था। दो वर्ष पूर्व पाकिस्तान की सरकार ने मानसिक रूप से कमजोर हो चुके पुनवासी द्वारा बताए गए अधूरे नाम पते की जानकारी भारत सरकार को भेजी। इसकी सूचना मिर्जापुर में आई। इसके बाद जिले के एलआईयू निरीक्षक इंद्र भूषण यादव ने दो वर्ष के अथक प्रयास के बाद किसी तरह से पुनवासी का पता खोजा। 17 नवंबर को पुनवासी को अटारी बार्डर पर बीएसएफ को सौंपा गया। अमर उजाला के अभियान के बाद पांच जनवरी को जिला प्रशासन की मदद से पुनवासी की बहन किरण और जीजा मुन्नू उसे लेकर मिर्जापुर आए। अमर उजाला की पहल पर लोगों ने उनकी मदद की। प्रशासन ने सिर्फ आश्वासन दिया। पुनवासी अपनी बहन के घर बहुती बसइटा रह रहा था। सोमवार को बहन काम पर चली गई। बहनोई बकरी चराने चला गया। किरण के दोनों पुत्र मिर्जापुर काम के लिए चला गया। घर पर बहू अकेले थी। दोपहर में बहू कपड़ा धोने के लिए बगल के नल पर गयी थी। दोपहर बाद लगभग तीन बजे अचानक पुनवासी घर से निकला और लापता हो गया। शाम को जब परिजन घर पहुंचे तो पुनवासी के लापता होने की जानकारी मिली। पुनवासी के लापता होने पर बहन रोने लगी। सोमवार की रात बहन-बहनोई आस-पास के गांव में पुनवासी की तलाश किए पर कहीं पर उसका पता नहीं चला। मंगलवार को बहन ने लालगंज थाने पर फोन कर भाई के लापता होने की सूचना देकर मदद की गुहार लगाया। इस मामले में लालगंज पुलिस ने अनभिज्ञता जाहिर किया।
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