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खेतों में राहत बरसी, गलन बढ़ी
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:25 AM IST
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स्टेशन पर ठिठुरते लोग
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मौसम का मिजाज अचानक बदलने से सोमवार की सुबह जिले में कई जगह रिमझिम बारिश हुई। यह बूंदाबांदी खेतों के लिए राहत बनकर आई है लेकिन इसने ठंड भी बढ़ा दी है। न्यूनतम तापमान सुबह 13 डिग्री से गिरकर 12 डिग्री हो गया।इसके साथ ही तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे गलन, ठिठुरन बढ़ गई है।
सुबह छह बजे राजगढ़ और लालगंज इलाके में रिमझिम बारिश हुई। इससे खेतों में नई जान आ गई है। किसाना का मानना है कि यह बारिश रबी की फसल के लिए बेहद मुफीद है। हालांकि मौसम का मिजाज बदलने से सर्दी का एहसास और बढ़ गया है। पूरे दिन सूर्यदेव लुकाछिपी का खेल खेलते रहे, जिससे वातावरण में गलन-ठिठुरन बनी रही। बर्फीली हवाएं चलने व ठंड पड़ने से लोग घरों में ही रहे। नगरीय इलाकों सहित ग्राम्यांचलों में अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की गई है।
दोपहर के समय कुछ देर के लिए निकला जरूर लेकिन वातावरण में गलन और ठिठुरन बरकरार रही। रेलवे स्टेशन सहित बस स्टेशन, रोडवेज परिसर तथा किसी भी बाजारों एवं चौराहों पर प्रशासन द्वारा अलाव जलवाने का प्रबंध नहीं किया गया है। इससे रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सड़क के किनारे रातें गुजारने वालों लोगों को और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है।
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कड़ाके की ठंड के कारण नगर में बिक रहे जलावनी लकड़ी व कोयले की दूकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा। वातावरण में नमी के कारण एवं सर्द हवाओं के चलने से गलन व ठिठुरन बरकरार रही। नगर के कई प्रमुख बाजाराें में पहुंचे अधिकांश लोग ठंड से बचाव के उपाय के लिए ही विभिन्न दूकानों पर खरीदारी करते नजर आए।
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सुबह छह बजे राजगढ़ और लालगंज इलाके में रिमझिम बारिश हुई। इससे खेतों में नई जान आ गई है। किसाना का मानना है कि यह बारिश रबी की फसल के लिए बेहद मुफीद है। हालांकि मौसम का मिजाज बदलने से सर्दी का एहसास और बढ़ गया है। पूरे दिन सूर्यदेव लुकाछिपी का खेल खेलते रहे, जिससे वातावरण में गलन-ठिठुरन बनी रही। बर्फीली हवाएं चलने व ठंड पड़ने से लोग घरों में ही रहे। नगरीय इलाकों सहित ग्राम्यांचलों में अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की गई है।
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दोपहर के समय कुछ देर के लिए निकला जरूर लेकिन वातावरण में गलन और ठिठुरन बरकरार रही। रेलवे स्टेशन सहित बस स्टेशन, रोडवेज परिसर तथा किसी भी बाजारों एवं चौराहों पर प्रशासन द्वारा अलाव जलवाने का प्रबंध नहीं किया गया है। इससे रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सड़क के किनारे रातें गुजारने वालों लोगों को और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है।
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कड़ाके की ठंड के कारण नगर में बिक रहे जलावनी लकड़ी व कोयले की दूकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा। वातावरण में नमी के कारण एवं सर्द हवाओं के चलने से गलन व ठिठुरन बरकरार रही। नगर के कई प्रमुख बाजाराें में पहुंचे अधिकांश लोग ठंड से बचाव के उपाय के लिए ही विभिन्न दूकानों पर खरीदारी करते नजर आए।