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Mirzapur News: कौशल विकास से जुड़ेंगे बंदी ः धर्मवीर प्रजापति

Thu, 16 Mar 2023 01:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 01:01 AM IST
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Prisoners will be associated with skill development: Dharamveer Prajapati
मिर्जापुर। कौशल विकास योजना और एमएसएमएई से जेल के बंदियों को जोड़ा जाएगा। ताकि वे कौशल सीख सकें। कौशल सीख जाएंगे तो बाहर जाकर रोजगार करेंगे। कई बंदियों ने जेल से बाहर जाने के बाद दुकान खोल ली है। हर बंदी पेशेवर नहीं हैं। ऐसे लोगों के साथ मानवीय दृष्टिकोण से व्यवहार किया जाना चाहिए। इसके लिए जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। ये बातें कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बुधवार को जिला कारागार में बंदियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि जेल में कोई एक वर्ष तो कोई पांच अधिक साल से बंद है। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों के शासनकाल का जेल मैनुअल बदल दिया गया है। काला पानी की सजा खत्म हो गई है। पहले आजीवन कारावास में 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही छोड़ा जाता था। कोई युवा जेल जाने पर आजीवन कारावास की सजा भुगतकर जब 60 वर्ष बाद बाहर आता है तो उसे कोई नहीं मिलता। इसलिए सरकार की तरफ से कानून बनाया गया है कि आजीवन कारावास की सजा में 16 व 20 वर्ष की सजा पूरी की जाएगी। उसके बाद संबंधित व्यक्ति को छोड़ दिया जाएगा।
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जेल में नियम सबके लिए बराबर है। उन्होंने संवाद के दौरान नंबरदार के बारे में भी पूछा। इसके बाद एक नंबरदार को बुलाकर उन्होंने कहा कि जेल में बंदियों के उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। बंदियों से उन्होंने कहा कि जो गलती करके जेल आए हैं, यहां से बाहर निकलने के बाद दोबारा गलती न करें। अच्छा व्यवहार करें। इससे जो उनके घर नहीं आते थे, वो आपके व्यवहार से आपका सम्मान करने लगेगा। जेल के अंदर रहकर भजन कर भगवान की स्तुति करें।
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उन्होंने बताया कि जुर्माना के चलते जेल में बंद 136 बंदियों को समाजसेवियों से लगभग नौ लाख रुपये जमा कराकर छोड़वाया गया। जेल में अब हर त्योहार मनाया जाता है। इससे पहले कारागार मंत्री ने मां विंध्यवासिनी, कालीखोह, अष्टभुजा देवी का दर्शन-पूजन किया। संवाद कार्यक्रम के दौरान एक महिला कारागार मंत्री से शिकायत करने के लिए खड़ी हुई। इस पर कारागार मंत्री उसके पास पहुंचे। जेल में बंद पड़री थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने शिकायत की कि वह निर्दोष होने पर भी जेल में बंद है, जबकि आरोपी बाहर घूम रहे हैं। इसके बाद मंत्री ने सीओ सिटी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। कारागार मंत्री ने बताया कि वे जेलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इस दौरान काफी संख्या में नौजवानों को जेल के अंदर बंद पा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाहर के स्कूलों से नौजवानों को जेल का भ्रमण कराएं। ताकि उनको पता चल सके कि अपराध करने पर जेल जाना पड़ सकता है। जेल में किस तरह का जीवन जीना होता है, यह देखने के बाद युवा अपराध करने से बचेंगे।
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