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Mirzapur News: प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला, अंधेरे में डूबी रही पीएचसी
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-पटेहरा पीएचसी में बिजली और जनरेटर व्यवस्था ठप, परिजनों का हंगामा, वीडियो वायरल
संवाद न्यूज एजेंसी
पटेहरा। विकास खंड परिसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पटेहरा की लचर व्यवस्था रविवार रात उस समय उजागर हो गई, जब प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को इलाज के लिए लाया गया और पूरा अस्पताल अंधेरे में डूबा मिला। नाराज परिजनों ने हंगामा किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
संतनगर के पटेहरा कला निवासी ब्रह्मा कोल ने बताया कि भतीजी किरण को रविवार रात करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा हुई। उसे पीएचसी पटेहरा पर ले गए। अस्पताल पहुंचने पर पूरा परिसर में अंधेरा पसरा हुआ था, जबकि आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य थी। परिजनों का आरोप है कि जनरेटर के नाम पर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर जनरेटर चालू नहीं मिला। प्रसव पीड़ा से महिला तड़पती रही और अस्पताल में काफी देर तक कोई कर्मचारी भी नजर नहीं आया। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार तथा लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि हंगामे के घंटों बाद भी न तो बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी और न ही जनरेटर चालू कराया गया।
वर्जन
बिजली सप्लाई में खराबी आ गई थी। लाइनमैन को बुलाया गया था, लेकिन समस्या तत्काल दूर नहीं हो सकी। जनरेटर के लिए डीजल की व्यवस्था की जाती है, लेकिन पेट्रोल पंप पर डीजल उपलब्ध न होने के कारण परेशानी हुई।
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डॉ. महेंद्र चौधरी,प्रभारी चिकित्साधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पटेहरा। विकास खंड परिसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पटेहरा की लचर व्यवस्था रविवार रात उस समय उजागर हो गई, जब प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को इलाज के लिए लाया गया और पूरा अस्पताल अंधेरे में डूबा मिला। नाराज परिजनों ने हंगामा किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
संतनगर के पटेहरा कला निवासी ब्रह्मा कोल ने बताया कि भतीजी किरण को रविवार रात करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा हुई। उसे पीएचसी पटेहरा पर ले गए। अस्पताल पहुंचने पर पूरा परिसर में अंधेरा पसरा हुआ था, जबकि आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य थी। परिजनों का आरोप है कि जनरेटर के नाम पर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर जनरेटर चालू नहीं मिला। प्रसव पीड़ा से महिला तड़पती रही और अस्पताल में काफी देर तक कोई कर्मचारी भी नजर नहीं आया। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार तथा लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि हंगामे के घंटों बाद भी न तो बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी और न ही जनरेटर चालू कराया गया।
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बिजली सप्लाई में खराबी आ गई थी। लाइनमैन को बुलाया गया था, लेकिन समस्या तत्काल दूर नहीं हो सकी। जनरेटर के लिए डीजल की व्यवस्था की जाती है, लेकिन पेट्रोल पंप पर डीजल उपलब्ध न होने के कारण परेशानी हुई।
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डॉ. महेंद्र चौधरी,प्रभारी चिकित्साधिकारी