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Ajita Srivastava Death: पद्मश्री अजिता श्रीवास्तव का निधन, कजरी गायन को दिलाई थी पहचान

Sat, 17 Aug 2024 08:19 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 17 Aug 2024 08:19 PM IST
सार

कजरी को नई पहचान दिलाने वाली पद्मश्री अजिता श्रीवास्तव ने शनिवार को अपने मिर्जापुर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। कजरी गायन के लिए अजिता श्रीवास्तव को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री से सम्मानित किया था।

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Padma Shri Ajita Srivastava of Kajri singer Death in Mirzapur
राष्ट्रपति व सीएम योगी के साथ पद्मश्री अजिता श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला आर्काइव

विस्तार

कजरी गायन में मिर्जापुर को पहचान दिलाने वाली अजिता श्रीवास्तव का शनिवार की शाम पांच बजकर 55 मिनट पर उनके आवास विकास कालोनी स्थित निवास पर निधन हो गया। कजरी गायन के लिए उनको तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री से सम्मानित किया था।

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पद्मश्री अजिता श्रीवास्तव का जन्म वाराणसी जिले में हुआ था। उनका विवाह जिले के रासबिहारी लाल के साथ हुआ था। अजिता श्रीवास्तव को 2022 में पद्मश्री सम्मान, 2021में विश्व हिंदी शोध संवर्धन पुरस्कार, कजली कोकिला पुरस्कार, इसी वर्ष योग्य शिक्षा एवं कजली गायिका पुरस्कार, सार्क एफओएसडब्लूएएल पुरस्कार, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार, काशी आनंद सम्मान, हरित उत्तर प्रदेश, स्वच्छ उत्तर प्रदेश विशिष्ट सम्मान,कजली कार्यशाला मुख्य प्रशिक्षक पुरस्कार, नमामि जागृति सम्मान, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, वैश्य गौरव सम्मान,अमर उजाला द्वारा नारी शक्ति सम्मान, कजली साम्राज्ञी पुरस्कार आदि प्रदान किया गया था। वह आर्यकन्या पाठशाला इंटर कालेज में अध्यापिका थी जहां से वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हुई थी।

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जिले की पहली पद्मश्री

Padma Shri Ajita Srivastava of Kajri singer Death in Mirzapur
अजिता श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला
अजिता श्रीवास्तव जिले की पहली ऐसी व्यक्तित्व थी जिनको पद्मश्री प्रदान किया गया। उनके पहले किसी को भी यह सम्मान नहीं प्राप्त हुआ था। वे सामाजिक व शैक्षिक गतिविधियों में भी बढ़चढ़ कर प्रतिभाग करती थी। उन्होंने कई बार पीएम आपदा राहत कोष में भी अपना सहयोग किया था। साहित्यिक गतिविधियों में वह बराबर शामिल होती रहती थीं।

पद्मश्री उर्मिला और लोकगायक ने जताया दुख
अजिता श्रीवास्तव के निधन का समाचार सुनकर मैं बहुत आहत हूं। वह मुझसे बहुत छोटी थी। वह पहले चली गई, इसका दुख है। उनके निधन से संगीत जगत की बहुत बड़ी क्षति है जिसकी पूर्ति संभव नहीं।
- पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव

अजिता दीदी मिर्जापुरी कजरी की धरोहर थीं। उनके निधन से मिर्जापुरी कजरी जगत व कृषिजीवी संगीत संस्कृति की बहुत बड़ी क्षति हुई है।
- डॉ. मन्नू यादव, लोकगायक
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