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टीबी रोग से ग्रसित महिलाओं को बांटा पुष्टाहार
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मिर्जापुर। कछवां क्रिश्चियन अस्पताल परिसर में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में 10 टीबी रोग से प्रभावित महिलाओं को पुष्टाहार वितरण किया गया। महिला दिवस पर लगभग 200 महिलाएं उपस्थित रही। जिनमें कुछ महिलाओं ने अपने जीवन में आए कठिनाइयों का मजबूती से सामना करते हुए सफलता की राह पर पहुंचने की जानकारी दिया।
मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि आज महिलाएं किसी से कम नहीं है। क्योंकि जो पुरुष कर सकता है। वह महिलाएं भी कर सकती हैं, कर भी रही है। कहा कि आप अपने को बहुमूल्य समझते हुए जीवन के जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि आज महिलाएं देश में उपलब्धियां प्राप्त कर रही है। आज की महिलाएं पहले की तुलना में रूढ़िवादी प्रचलनों का खंडन करते हुए स्वतंत्र व खुशहाल जीवन जी रही है। समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद दुबे ने महिलाओं संबंधी कुछ लाभकारी सरकारी योजनाओं के बारे में बताया। क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने उपस्थित महिलाओं के बीच टीबी के समस्त लक्षणों एवं जांच व इलाज की उपलब्ध सरकारी सुविधाओं को के विषय में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंधक शंकर रामचंद्र द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. यूएन सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद दुबे, कछवां नगर पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर पंधारी यादव को बुके देकर स्वागत किया।
टीबी से मुक्ति के लिए आज से घर-घर चलेगा अभियान : 9 मार्च से टीबी रोग के सक्रिय मरीजों की खोजने के लिए एसीएफ (एक्टिव केस फाइंडिंग) अभियान चलाया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यूएन सिंह ने बताया कि नौ मार्च से 22 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जनपद के कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत जनसंख्या को लक्षित करते हुए टीबी के नए रोगी, घर घर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा खोजेंगे। खोजी अभियान के तहत जनपद के स्वास्थ्य विभाग की कुल प्रशिक्षित 180 टीमें ( तीन सदस्यीय), 36 सुपरवाइजर, 12 एमओटीसी रहें। खोजी अभियान के तहत मिले संदिग्ध मरीजों से घर बैठे बलगम लेकर जांच कराई जाएगी। टीबी मरीजों को अधिकतम दो दिन के अंदर इलाज की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। साथ साथ उनके खाते में प्रतिमाह 500 अभी पूरे इलाज अवधि तक उपलब्ध कराया जाएगा। क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने बताया कि अभियान के तहत मलिन बस्तियों, ईट भट्टों, क्रेशर प्लांट, घनी आबादियों बीच संपर्क होगा।
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मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि आज महिलाएं किसी से कम नहीं है। क्योंकि जो पुरुष कर सकता है। वह महिलाएं भी कर सकती हैं, कर भी रही है। कहा कि आप अपने को बहुमूल्य समझते हुए जीवन के जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि आज महिलाएं देश में उपलब्धियां प्राप्त कर रही है। आज की महिलाएं पहले की तुलना में रूढ़िवादी प्रचलनों का खंडन करते हुए स्वतंत्र व खुशहाल जीवन जी रही है। समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद दुबे ने महिलाओं संबंधी कुछ लाभकारी सरकारी योजनाओं के बारे में बताया। क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने उपस्थित महिलाओं के बीच टीबी के समस्त लक्षणों एवं जांच व इलाज की उपलब्ध सरकारी सुविधाओं को के विषय में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंधक शंकर रामचंद्र द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. यूएन सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद दुबे, कछवां नगर पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर पंधारी यादव को बुके देकर स्वागत किया।
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टीबी से मुक्ति के लिए आज से घर-घर चलेगा अभियान : 9 मार्च से टीबी रोग के सक्रिय मरीजों की खोजने के लिए एसीएफ (एक्टिव केस फाइंडिंग) अभियान चलाया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यूएन सिंह ने बताया कि नौ मार्च से 22 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जनपद के कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत जनसंख्या को लक्षित करते हुए टीबी के नए रोगी, घर घर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा खोजेंगे। खोजी अभियान के तहत जनपद के स्वास्थ्य विभाग की कुल प्रशिक्षित 180 टीमें ( तीन सदस्यीय), 36 सुपरवाइजर, 12 एमओटीसी रहें। खोजी अभियान के तहत मिले संदिग्ध मरीजों से घर बैठे बलगम लेकर जांच कराई जाएगी। टीबी मरीजों को अधिकतम दो दिन के अंदर इलाज की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। साथ साथ उनके खाते में प्रतिमाह 500 अभी पूरे इलाज अवधि तक उपलब्ध कराया जाएगा। क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने बताया कि अभियान के तहत मलिन बस्तियों, ईट भट्टों, क्रेशर प्लांट, घनी आबादियों बीच संपर्क होगा।
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