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अब जेल में रविवार को नहीं होगी बंदी से मुलाकात
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जिला कारागार में अब रविवार को कोई भी परिजन बंदी से नहीं मिल सकेंगे। जिला कारागार में रविवार को साप्ताहिक बंदी कर दी गई है।
यह जानकारी प्रभारी जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से जेल के नियमों में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था तीन नवंबर से लागू हो गई है। साप्ताहिक बंदी पहले शनिवार को होती थी। इसे अब रविवार को कर दिया गया है। पहले लोग शनिवार को बंदियों से मिल सकते हैं। सभी बंदियों को वर्ष भर मई व जून को छोड़कर शाम को अतिरिक्त चाय और चार बिस्कुट दी जाएगी। पहले केवल सुबह ही चाय व बिस्कुट दिया जाता था।
उन्होंने बताया कि सभी बंदियों को होली, दीपावली, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष भोजन में दिए जा रहे सूजी के हलवा के स्थान पर खीर व ईद-उल फितर व ईद-उल जुहा के अवसर पर सेंवई दिए जाने का प्रावधान किया गया है। बंदी कल्याणकारी कैंटीन के माध्यम से बंदियों को बेचे जाने वाली खाद्य सामग्री जेल के सामान्य पर्यावरण व सुरक्षा को ध्यान में रखकर दी जाएगी। लाभांश का 60 प्रतिशत कैंटीन का खर्च चलाने व 40 प्रतिशत बंदियों के कल्याण कोष को दिया जाएगा।
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यह जानकारी प्रभारी जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से जेल के नियमों में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था तीन नवंबर से लागू हो गई है। साप्ताहिक बंदी पहले शनिवार को होती थी। इसे अब रविवार को कर दिया गया है। पहले लोग शनिवार को बंदियों से मिल सकते हैं। सभी बंदियों को वर्ष भर मई व जून को छोड़कर शाम को अतिरिक्त चाय और चार बिस्कुट दी जाएगी। पहले केवल सुबह ही चाय व बिस्कुट दिया जाता था।
उन्होंने बताया कि सभी बंदियों को होली, दीपावली, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष भोजन में दिए जा रहे सूजी के हलवा के स्थान पर खीर व ईद-उल फितर व ईद-उल जुहा के अवसर पर सेंवई दिए जाने का प्रावधान किया गया है। बंदी कल्याणकारी कैंटीन के माध्यम से बंदियों को बेचे जाने वाली खाद्य सामग्री जेल के सामान्य पर्यावरण व सुरक्षा को ध्यान में रखकर दी जाएगी। लाभांश का 60 प्रतिशत कैंटीन का खर्च चलाने व 40 प्रतिशत बंदियों के कल्याण कोष को दिया जाएगा।
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