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Mirzapur News: शहर के सबसे अधिक 26 मोहल्ले संवेदनशील, यहीं मिले डेंगू 4-मलेरिया के 13 मरीज
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महुवरिया मोहल्ले में बीएलजे के मैदान में लगा पानी और पनप रहे मच्छर। स्रोत संवाद
- फोटो : 1
विंध्याचल, रमईपट्टी, महुवरिया समेत कई स्थानों पर जलभराव की समस्या के साथ कूड़ा सड़ रहा
मिर्जापुर। शहर में बेहतर साफ-सफाई का दावा होता है, लेकिन डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या के हिसाब से जिले के 119 संवेदनशील जगहों में नगर के ही 26 मोहल्ले शामिल हैं। यहीं पर अब तक डेंगू के 4 और मलेरिया के 13 मरीज मिल चुके हैं।
पिछले चार वर्ष का डाटा देखें तो शहरी क्षेत्र में ही सबसे अधिक डेंगू और मलेरिया के मरीज यहीं मिले हैं। इसके बाद भी इन संवेदनशील स्थानों पर साफ-सफाई की हालत दयनीय है।
लोग डेंगू, मलेरिया और मच्छरजनित रोगों का शिकार न हों, इसके लिए संवेदनशील गांवों और वार्डों की सूची बनाकर संचारी रोग अभियान चलाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगरपालिका, शिक्षा विभाग समेत अन्य कई विभाग शामिल होते हैं। इन विभागों का काम अपने-अपने स्तर से रोगों से बचाव के बारे में जागरूक करना और अन्य कार्रवाई कराना है। स्वास्थ्य विभाग का कार्य संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की जांच आदि कराकर जागरूक करना, नपा और पंचायतों का कार्य साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखना है।
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नगरीय क्षेत्र में विंध्याचल, रमईपट्टी, महुवरिया समेत 26 क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव और कूड़ा सड़ रहा है। संचारी रोग अभियान में सफाई के लिए ही जागरूक किया जाता है। विंध्याचल के बंगाली चौराहे के पास स्थित रामजी की गली में कूड़ा जमा है। चील्ह के गड़गेड़ी गांव में कूड़े का अंबार लगा है। इस वर्ष डेंगू के 22 मरीज मिल चुके हैं। वायरल से प्रतिदिन 300 से अधिक बुखार के मरीज सिर्फ मंडलीय अस्पताल में आ रहे हैं। इसके बाद भी यह हाल है।
मलेरिया के मरीज
वर्ष
जिले में
नगर में
2024
46
19
2025
59
34
2026
36
13
डेंगू के मरीज
वर्ष
जिले में
नगर में
2023
466
174
2024
207
32
2025
136
21
2026
22
4
जिले में संवेदनशील वार्ड और गांव
नगर-26
विजयपुर-10
चील्ह-13
गुरुसंडी-12
लालगंज-5
हलिया-8
पटेहरा-7
कछवां-8
सीखड़-9
चुनार-6
राजगढ़-3
जमालपुर-5
गांव में सफाई व्यवस्था सही नहीं है। कूड़ा और पानी लगने से बीमारियां होती हैं। सफाई करानी चाहिए।
-विमल यादव, गड़गेड़ी
जीआईसी स्कूल और तहसील मार्ग पर बाजार लगता है। शाम को भीड़ रहती है। मैदान में काफी समय से पानी लगा है। मच्छर पनप रहे हैं।
-संजय, महुवरिया
वर्जन
नगर क्षेत्र में जनसंख्या अधिक है, तो संक्रमण भी तेजी से फैलता है। शहर में जिला अस्पताल है, तो जांच भी अधिक होती है। संचारी अभियान में जागरूकता अभियान चलाया जाता है। पानी लगने पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के लिए नगर निगम को दिया जाता है। जांच और इलाज की व्यवस्था अस्पताल में की जाती है। सफाई और फॉगिंग कराना नगर पालिका का काम है।
-डॉ. केके मिश्रा, सीएमओ
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मिर्जापुर। शहर में बेहतर साफ-सफाई का दावा होता है, लेकिन डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या के हिसाब से जिले के 119 संवेदनशील जगहों में नगर के ही 26 मोहल्ले शामिल हैं। यहीं पर अब तक डेंगू के 4 और मलेरिया के 13 मरीज मिल चुके हैं।
पिछले चार वर्ष का डाटा देखें तो शहरी क्षेत्र में ही सबसे अधिक डेंगू और मलेरिया के मरीज यहीं मिले हैं। इसके बाद भी इन संवेदनशील स्थानों पर साफ-सफाई की हालत दयनीय है।
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लोग डेंगू, मलेरिया और मच्छरजनित रोगों का शिकार न हों, इसके लिए संवेदनशील गांवों और वार्डों की सूची बनाकर संचारी रोग अभियान चलाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगरपालिका, शिक्षा विभाग समेत अन्य कई विभाग शामिल होते हैं। इन विभागों का काम अपने-अपने स्तर से रोगों से बचाव के बारे में जागरूक करना और अन्य कार्रवाई कराना है। स्वास्थ्य विभाग का कार्य संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की जांच आदि कराकर जागरूक करना, नपा और पंचायतों का कार्य साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखना है।
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नगरीय क्षेत्र में विंध्याचल, रमईपट्टी, महुवरिया समेत 26 क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव और कूड़ा सड़ रहा है। संचारी रोग अभियान में सफाई के लिए ही जागरूक किया जाता है। विंध्याचल के बंगाली चौराहे के पास स्थित रामजी की गली में कूड़ा जमा है। चील्ह के गड़गेड़ी गांव में कूड़े का अंबार लगा है। इस वर्ष डेंगू के 22 मरीज मिल चुके हैं। वायरल से प्रतिदिन 300 से अधिक बुखार के मरीज सिर्फ मंडलीय अस्पताल में आ रहे हैं। इसके बाद भी यह हाल है।
मलेरिया के मरीज
वर्ष
जिले में
नगर में
2024
46
19
2025
59
34
2026
36
13
डेंगू के मरीज
वर्ष
जिले में
नगर में
2023
466
174
2024
207
32
2025
136
21
2026
22
4
जिले में संवेदनशील वार्ड और गांव
नगर-26
विजयपुर-10
चील्ह-13
गुरुसंडी-12
लालगंज-5
हलिया-8
पटेहरा-7
कछवां-8
सीखड़-9
चुनार-6
राजगढ़-3
जमालपुर-5
गांव में सफाई व्यवस्था सही नहीं है। कूड़ा और पानी लगने से बीमारियां होती हैं। सफाई करानी चाहिए।
-विमल यादव, गड़गेड़ी
जीआईसी स्कूल और तहसील मार्ग पर बाजार लगता है। शाम को भीड़ रहती है। मैदान में काफी समय से पानी लगा है। मच्छर पनप रहे हैं।
-संजय, महुवरिया
वर्जन
नगर क्षेत्र में जनसंख्या अधिक है, तो संक्रमण भी तेजी से फैलता है। शहर में जिला अस्पताल है, तो जांच भी अधिक होती है। संचारी अभियान में जागरूकता अभियान चलाया जाता है। पानी लगने पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के लिए नगर निगम को दिया जाता है। जांच और इलाज की व्यवस्था अस्पताल में की जाती है। सफाई और फॉगिंग कराना नगर पालिका का काम है।
-डॉ. केके मिश्रा, सीएमओ

महुवरिया मोहल्ले में बीएलजे के मैदान में लगा पानी और पनप रहे मच्छर। स्रोत संवाद- फोटो : 1