नवरात्र का 8वां दिन: मां विंध्यवासिनी के महागौरी स्वरूप का दर्शन-पूजन करने उमड़े भक्त, जयकारे से गूंजा धाम
शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर आदिशक्ति जगतजननी मां विंध्यवासिनी के महागौरी स्वरूप का दर्शन-पूजन करने के लिए दर्शनार्थियों का तांता लगा है। मंगला आरती के उपरांत जैसे ही मंदिर का कपाट खुला पहाड़ा वाली के जय जयकारे से संपूर्ण मंदिर परिसर गूंज उठा।
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शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर आदिशक्ति जगतजननी मां विंध्यवासिनी के महागौरी स्वरूप का दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालु की भारी भीड़ लगी है। विंध्य धाम का कोना-कोना जय माता दी के जयकारे से गूंज रहा है। सोमवार अलसुबह भव्य मंगला आरती श्रृंगार के बाद स्वरूप दर्शन के लिए भक्तों की अनवरत कतार लगी। नई वीआईपी मार्ग से बंगाली तिराहे तक दोपहर तक भक्तों की लंबी कतार लगी है।
गुड़हल, कमल सहित गुलाब पुष्पों से किए गए भव्य श्रृंगार का दर्शन कर मां के भक्त निहाल हो उठे। पहाड़ी पर स्थित अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर में भी दर्शन के लिए लंबी कतार लगी है। सुबह से ही तीनों प्रमुख मंदिरों में माता के जयकारे व घंट घड़ियाल गूंज रहे हैं। मंदिर की तरफ जाने वाली प्रमुख गलियां श्रद्धालुओं से पटी है।
घंटों लंबी कतार में खड़े रहने के बाद देवी दरबार पहुंचे श्रद्धालु बड़े ही श्रद्धा भाव से मां विंध्यवासिनी की चौखट पर मत्था टेक समृद्धि की कामना कर रहे हैं। माता के दर्शन को धाम पहुंची महिलाओं ने हलवा- पूड़़ी का भोग लगाकर विधिवत पूजन अर्चन किया।
श्रद्धालुओं से पटी विंध्य की गलियां
नवरात्र की अष्टमी तिथि पर श्रद्धालुओं से विंध्य की गलियां पटी हैं। मां विंध्यवासिनी मंदिर की तरफ जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है। झांकी दर्शन के लिए सदर बाजार कोतवाली मार्ग से मंदिर तक भक्तों का रेला लगा है।
द्वितीय प्रवेश द्वार से दर्शन पूजन करने के लिए जयपुरिया गली होते हुए पुरानी वीआईपी मार्ग एवं पक्का घाट गली में ऐसी भीड़ है लाइन टूटने का नाम ही नहीं ले रही। भक्तों की भीड़ नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं।
पुष्प की सजावट बिखेर रही अलौकिक छटा
शारदीय नवरात्र में प्रमुख देवी मंदिरों पर तरह-तरह के पुष्पों से की गई सजावट एक अलौकिक छटा बिखेर रही है। मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भ गृह के चारों तरफ कहीं जय मां विंध्यवासिनी तो कहीं जय माता दी और फूलों से बनाए गए स्वास्तिक निशान की छटा देखते ही बन रही है। काली खोह में महाकाली मंदिर, अष्टभुजा पहाड़ पर माता अष्टभुजी देवी के साथ ही मंदिर के प्रवेश और निकास द्वार पर देशी, विदेशी फूलों से की गई आकर्षक सजावट देख दूरदराज से आए श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
प्रसाद विक्रेताओं के खिले रहे चेहरे
नवरात्र मेले के 8वें दिन विंध्य की गलियों में प्रसाद की दुकानों पर भक्तों का हुजूम लगा रहा। दुकानों पर नारियल, चुनरी, लाचीदाना, रक्षा रोरी आदि प्रसाद की खरीदारी करने के लिए सुबह से भक्त उमड़े हैं।कोरोना काल के बाद पहली बार नारियल चुनरी और प्रसाद की बिक्री को लेकर दुकानदार गदगद दिखाई दिए।
महानिशा पूजन के लिए तांत्रिकों का जमावड़ा
सप्तमी, अष्टमी की रात महानिशा पूजन के लिए विंध्यक्षेत्र में तांत्रिकों का खूब जमावड़ा देखा गया । खासकर रामगया घाट , तारामन्दिर , भैरवकुण्ड व कालीखोह मन्दिर के पास काफी संख्या में विधि-विधान से अपनी साधना में तल्लीन दिखे। पुलिस अधीक्षक ने महानिशा के मद्देनजर पहाड़ों व तांत्रिकों के जमावड़े वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसफोर्स की तैनाती की। पूजा के नाम पर अराजकता अथवा नशाखोरी इत्यादि करने वालों पर नजर रखी जा रही है ।