सीखड़। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, अदलपुरा में सोमवार को “अल्प-प्रचलित एवं संभावनाशील सब्जियों का मुख्यधारा में समावेशन, उत्पादन तकनीक, बीज प्रणाली एवं बाजार संपर्क” विषय पर 10 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण 30 सितंबर तक चलेगा, इसमें आठ राज्यों के कृषि वैज्ञानिक एवं संकाय सदस्य हिस्सा ले रहे हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि अल्प-प्रचलित एवं संभावनाशील सब्जियों को बढ़ावा देकर आहार में विविधता, पोषण सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने इन फसलों के प्रजनन, उन्नत किस्मों के विकास, जलवायु अनुकूलन और व्यावसायिक उत्पादन पर जोर दिया। राकेश के. दुबे ने कहा कि कई ऐसी सब्जियां कम उपयोग वाली नहीं, बल्कि कम मूल्यांकित हैं। इनके पोषण एवं स्वास्थ्यवर्धक गुणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में डॉ. विकास सिंह, डॉ. ज्योति देवी और डॉ. केशव कांत गौतम सह-समन्वयक मौजूद रहे।