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दानवीर कर्ण का भावपूर्ण मंचन
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 11 Mar 2015 12:22 AM IST
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प्रेम क्लब के तत्वावधान में रंगायन कार्यक्रम के अंतिम दिन महान धार्मिक कथा दानवीर कर्ण के जीवन का भावपूर्ण मंचन किया गया। होली के उपलक्ष्य में सिटी कोतवाली के पीछे गुदड़ी में चल रहे नाटक का मंचन देखने दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कलाकारों ने अपने बेहतरीन अभिनय से अमिट छाप छोड़ी।
सूर्यपुत्र कर्ण की विशेषताओं एवं दान वीरता को नाटक में बखूबी दर्शाया गया। नाटक मंचन में पांडवों द्वारा कर्ण से संवाद, कौरवाें की कर्ण से मित्रता के संबंध की प्रस्तुति दर्शकाें को रोमांचित व भावविभोर कर दिया। नाटक के दौरान जहां एक ओर देवराज इंद्र द्वारा कर्ण से कवच कुंडल मांगना तो दूसरी ओर अर्जुन-कर्ण का घमासान दर्शकों को अपनी ओर खींचता रहा। भगवान श्रीकृष्ण, पांडव, कौरव, द्रोणाचार्य, भीष्म, शकुनी, धृतराष्ट्र विदुर, घटोत्कच, राजा शल्य आदि सभी पात्रों का अभिनय कुशल एवं शानदार रहा, जो दर्शकाें के सिर चढ़कर बोला। नाटक प्रस्तुति के दौरान हर किरदार को पूर्ण तरीके से बखूबी निभाया गया, कर्ण का रणभूमि में अंतिम समय का दृश्य दर्शकों की आंखाें को नम करने में कामयाब रहा। कार्यक्रम के बीच-बीच में मनोहरी नृत्य की प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया। धार्मिक गीतों और फिल्मी हास्य गीताें पर कामेडी की उम्दा प्रस्तुतियों को दर्शकाें द्वारा खूब सराहा गया। पात्राें में हरिओम कसेरा, अनिल, घनश्याम, धीरज, लालन, शिव, शिवकुमार, बादल, बंगी, धीरज, राजेश, बालाजी, सचिन, पुरुषोत्तम, सीताराम व रमाकांत ने बेहतरीन अभिनय किया। संस्था के प्रबंधक त्रिभुवन नाथ, पप्पू कसेरा, अतिन कसेरा, अनिल हंसमुख मौजूद रहे।
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सूर्यपुत्र कर्ण की विशेषताओं एवं दान वीरता को नाटक में बखूबी दर्शाया गया। नाटक मंचन में पांडवों द्वारा कर्ण से संवाद, कौरवाें की कर्ण से मित्रता के संबंध की प्रस्तुति दर्शकाें को रोमांचित व भावविभोर कर दिया। नाटक के दौरान जहां एक ओर देवराज इंद्र द्वारा कर्ण से कवच कुंडल मांगना तो दूसरी ओर अर्जुन-कर्ण का घमासान दर्शकों को अपनी ओर खींचता रहा। भगवान श्रीकृष्ण, पांडव, कौरव, द्रोणाचार्य, भीष्म, शकुनी, धृतराष्ट्र विदुर, घटोत्कच, राजा शल्य आदि सभी पात्रों का अभिनय कुशल एवं शानदार रहा, जो दर्शकाें के सिर चढ़कर बोला। नाटक प्रस्तुति के दौरान हर किरदार को पूर्ण तरीके से बखूबी निभाया गया, कर्ण का रणभूमि में अंतिम समय का दृश्य दर्शकों की आंखाें को नम करने में कामयाब रहा। कार्यक्रम के बीच-बीच में मनोहरी नृत्य की प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया। धार्मिक गीतों और फिल्मी हास्य गीताें पर कामेडी की उम्दा प्रस्तुतियों को दर्शकाें द्वारा खूब सराहा गया। पात्राें में हरिओम कसेरा, अनिल, घनश्याम, धीरज, लालन, शिव, शिवकुमार, बादल, बंगी, धीरज, राजेश, बालाजी, सचिन, पुरुषोत्तम, सीताराम व रमाकांत ने बेहतरीन अभिनय किया। संस्था के प्रबंधक त्रिभुवन नाथ, पप्पू कसेरा, अतिन कसेरा, अनिल हंसमुख मौजूद रहे।
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