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चौरी चौरा के आरोपियों के लिए पुन: अदालत गए थे महामना
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मिर्जापुर। महामना ने समाज कार्य के लिए वकालत छोड़ दी थी लेकिन जब चौरीचौरा कांड में 171 लोगों को आरोपी बनाया गया तो उन्होंने उनकी पैरवी की और सभी को छुड़ाया। समाज के लिए किया गया उनका कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय के रूप में आज भी लोगों को दिशा दे रहा है। यह बातें आईपीएस जुगल किशोर तिवारी ने बिनानी धर्मशाला में बुधवार को महामना जयंती पर अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए बिरला ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को ब्लैंक चेक दिया था। जिसे समारोह के दौरान मालवीय जी ने वापस कर दिया और कहा था कि मेरा विचार था कि संपूर्ण राष्ट्र के सहयोग से विश्वविद्यालय का निर्माण हो। जिस विश्वास के साथ आपने सहयोग किया उस विश्वास को बनाए रखना मेरा भी दायित्व था।
लेकिन आज विश्वास का संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्र के निर्माण में सभी की सहभागिता जरूरी है। दिल्ली से आये अटल बिहारी शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म है तो ब्राह्मण है, यह बात सही नहीं है, अगर हिंदू हैं तब सनातन धर्म है। कार्यक्रम में लल्लू तिवारी, गंगासागर दुबे, डॉ नीरज त्रिपाठी रत्नाकर चौबे, डॉ. रमेश ओझा एवं रमाशंकर मालवीय आदि ने विचार व्यक्त किए। समारोह में माता प्रसाद दुबे, अरुण मिश्रा, गोवर्धन त्रिपाठी, मौजी दुबे सुशील दुबे, पारसनाथ मिश्र, मधुकर मिश्र, विष्णु नारायण मालवीय, राजेन्द्र प्रसाद पांडेय, नितिन अवस्थी आदि थे। कार्यक्रम संयोजक प्रभात कुमार दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया। जिलाध्यक्ष डा. गणेश प्रसाद अवस्थी ने आभार व्यक्त किया।
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इसी प्रकार अखिल विश्व विप्र कल्याण परिषद की ओर से भी महामना जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि डा. सुधाकर उपाध्याय थे। संतोष तिवारी, मुरलीधर उपाध्याय, मनोज तिवारी आदि थे। संचालन कृष्णमोहन गोस्वामी ने किया।
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उन्होंने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए बिरला ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को ब्लैंक चेक दिया था। जिसे समारोह के दौरान मालवीय जी ने वापस कर दिया और कहा था कि मेरा विचार था कि संपूर्ण राष्ट्र के सहयोग से विश्वविद्यालय का निर्माण हो। जिस विश्वास के साथ आपने सहयोग किया उस विश्वास को बनाए रखना मेरा भी दायित्व था।
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लेकिन आज विश्वास का संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्र के निर्माण में सभी की सहभागिता जरूरी है। दिल्ली से आये अटल बिहारी शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म है तो ब्राह्मण है, यह बात सही नहीं है, अगर हिंदू हैं तब सनातन धर्म है। कार्यक्रम में लल्लू तिवारी, गंगासागर दुबे, डॉ नीरज त्रिपाठी रत्नाकर चौबे, डॉ. रमेश ओझा एवं रमाशंकर मालवीय आदि ने विचार व्यक्त किए। समारोह में माता प्रसाद दुबे, अरुण मिश्रा, गोवर्धन त्रिपाठी, मौजी दुबे सुशील दुबे, पारसनाथ मिश्र, मधुकर मिश्र, विष्णु नारायण मालवीय, राजेन्द्र प्रसाद पांडेय, नितिन अवस्थी आदि थे। कार्यक्रम संयोजक प्रभात कुमार दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया। जिलाध्यक्ष डा. गणेश प्रसाद अवस्थी ने आभार व्यक्त किया।
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इसी प्रकार अखिल विश्व विप्र कल्याण परिषद की ओर से भी महामना जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि डा. सुधाकर उपाध्याय थे। संतोष तिवारी, मुरलीधर उपाध्याय, मनोज तिवारी आदि थे। संचालन कृष्णमोहन गोस्वामी ने किया।