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डीएम की पहल पर कैंसर रोगी बालक का बना कार्ड
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मिर्जापुर। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल की पहल के बाद सीएमओ डॉ. ओपी तिवारी ने जिगना थाना क्षेत्र निवासी दिहाड़ी मजदूर मुटूनू के ब्लड कैंसर से पीड़ित पांच वर्षीय पुत्र विपिन का एक घंटे के अंदर गोल्डन कार्ड बनवा दिया। इस बात की चर्चा पूरे दिन लोगों के बीच रही।
कैंसर से पीड़ित बालक के पिता ने अपनी व्यथा बताकर गोल्डेन कार्ड बनाए जाने की गुहार जिलाधिकारी से लगाई थी। जिलाधिकारी को पता चला कि बालक का उपचार इलाहाबाद में चल रहा है और बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के लिए रेफर किया जा चुका है। पर पीड़ित बालक का पिता मजदूरी करता है और उसका चाचा दिव्यांग है। मजदूरी के अलावा उसके पास आय का कोई दूसरा स्रोत नहीं है। धनराशि के अभाव में कैंसर से पीड़ित बालक का उपचार सम्भव ही नहीं है। जिलाधिकारी ने इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए। लाभार्थियों की सूची में परिवार के मुखिया व परेशान श्रमिक का नाम देखकर डिस्ट्रिक्ट इन्फार्मेशन सिस्टम मैनेजर राहुल ने प्रयास कर तत्काल कार्ड बनवा दिया।
बता दें कि जिले में तीन महिने में आयुष्मान भारत को 51 हजार 261 गोल्डेन कार्ड बनाया गया है। जिले में में अब तक कुल 1,51,261 कार्ड बनाए जा चुके है। कार्ड बनाने में मिर्जापुर प्रदेश में 20वें स्थान पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने शेष बचे पात्र व्यक्तियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने की अवधि को मार्च महीने तक के लिए बढ़ा दिया है।
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कैंसर से पीड़ित बालक के पिता ने अपनी व्यथा बताकर गोल्डेन कार्ड बनाए जाने की गुहार जिलाधिकारी से लगाई थी। जिलाधिकारी को पता चला कि बालक का उपचार इलाहाबाद में चल रहा है और बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के लिए रेफर किया जा चुका है। पर पीड़ित बालक का पिता मजदूरी करता है और उसका चाचा दिव्यांग है। मजदूरी के अलावा उसके पास आय का कोई दूसरा स्रोत नहीं है। धनराशि के अभाव में कैंसर से पीड़ित बालक का उपचार सम्भव ही नहीं है। जिलाधिकारी ने इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए। लाभार्थियों की सूची में परिवार के मुखिया व परेशान श्रमिक का नाम देखकर डिस्ट्रिक्ट इन्फार्मेशन सिस्टम मैनेजर राहुल ने प्रयास कर तत्काल कार्ड बनवा दिया।
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बता दें कि जिले में तीन महिने में आयुष्मान भारत को 51 हजार 261 गोल्डेन कार्ड बनाया गया है। जिले में में अब तक कुल 1,51,261 कार्ड बनाए जा चुके है। कार्ड बनाने में मिर्जापुर प्रदेश में 20वें स्थान पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने शेष बचे पात्र व्यक्तियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने की अवधि को मार्च महीने तक के लिए बढ़ा दिया है।
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