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विंध्याचल कॉरिडोर
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मिर्जापुर। विंध्य धाम आने वाले भक्तों के लिए अच्छी खबर है। अब गंगा में डुबकी लगाने के बाद घाट से ही श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर सकेंगे। मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर के मास्टर प्लान के तहत विंध्याचल मंदिर से गंगा घाट जाने वाली कचौड़ी गली को सौ मीटर तक चौड़ा किया जाएगा।
शासन, प्रशासन की मंशा है कि गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को वहीं से मंदिर के दर्शन हो सकें। साथ ही बिना किसी रोक- टोक भक्त सीधे मां के धाम में हाजिरी लगा सकें। यही कारण है कि मंदिर से 100 मीटर दूर स्थित घाट तक, कचौड़ी गली व अन्य रास्तों को चौड़ा किया जाएगा। गली में अवैध निर्माण, कब्जे व अतिक्रमण को हटाने के साथ ही आपसी सहमति से अन्य निर्माण को भी तोड़ा जाएगा। मार्ग के सुंदरीकरण के साथ ही भक्तों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। सरकार की योजना है कि विंध्यधाम कॉरिडोर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाए। यहां आने के बाद श्रद्धालु दर्शन पूजन के साथ सुख सुविधाओं का नया अनुभव प्राप्त कर सकें। मंदिर को केंद्र मानते हुए सारे धर्मार्थ कार्य किए जाने हैं।
इस बाबत धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहा कि विंध्यवासिनी धाम क्षेत्र के विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की जा रही है। मां विंध्यवासिनी कारीडोर का कार्य जन सहभागिता, जन सहमति से कराया जाएगा। हमारा प्रयास श्रद्धालुओं सुलभ दर्शन के साथ ही विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।
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उधर उत्तर प्रदेश पर्यटन संयुक्त निदेशक अवनीश मिश्रा ने कहा कि मंदिर से गंगा घाट तक, कचौड़ी गली को चौड़ा किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के साथ ही रास्ते में पड़ने वाले निर्माण को आपसी सहमति से शिफ्ट करने का प्रयास करेंगे।
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शासन, प्रशासन की मंशा है कि गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को वहीं से मंदिर के दर्शन हो सकें। साथ ही बिना किसी रोक- टोक भक्त सीधे मां के धाम में हाजिरी लगा सकें। यही कारण है कि मंदिर से 100 मीटर दूर स्थित घाट तक, कचौड़ी गली व अन्य रास्तों को चौड़ा किया जाएगा। गली में अवैध निर्माण, कब्जे व अतिक्रमण को हटाने के साथ ही आपसी सहमति से अन्य निर्माण को भी तोड़ा जाएगा। मार्ग के सुंदरीकरण के साथ ही भक्तों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। सरकार की योजना है कि विंध्यधाम कॉरिडोर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाए। यहां आने के बाद श्रद्धालु दर्शन पूजन के साथ सुख सुविधाओं का नया अनुभव प्राप्त कर सकें। मंदिर को केंद्र मानते हुए सारे धर्मार्थ कार्य किए जाने हैं।
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इस बाबत धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहा कि विंध्यवासिनी धाम क्षेत्र के विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की जा रही है। मां विंध्यवासिनी कारीडोर का कार्य जन सहभागिता, जन सहमति से कराया जाएगा। हमारा प्रयास श्रद्धालुओं सुलभ दर्शन के साथ ही विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।
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उधर उत्तर प्रदेश पर्यटन संयुक्त निदेशक अवनीश मिश्रा ने कहा कि मंदिर से गंगा घाट तक, कचौड़ी गली को चौड़ा किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के साथ ही रास्ते में पड़ने वाले निर्माण को आपसी सहमति से शिफ्ट करने का प्रयास करेंगे।