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निजी स्कूलों में आरटीई प्रवेश की हुई जांच
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मिर्जापुर। परिषदीय विद्यालयों में संचालित योजनाओं की जांच के लिए आई केंद्रीय टीम ने गुरुवार को नगर के 10 निजी विद्यालयों में जाकर आरटीई के तहत हुए प्रवेश की जानकारी ली। कई स्थान पर उनको विद्यालय प्रबंधन के सवालों से भी रूबरू होना पड़ा।
मंगलवार से जिले में वर्तिका श्रीवास्तव व मुकेश कुमार की दो सदस्यीय टीम परिषदीय विद्यालयों में संचालित विभिन्न योजनाओं के संचालन व आरटीई के तहत प्रवेश की हकीकत की जानकारी ले रही है। गुरुवार को जब वह राइट टू एजुकेशन के तहत गरीब बच्चों के निजी विद्यालयों में प्रवेश की हकीकत जानने गई तो प्रवेश शत प्रतिशत पाए गए। इसके साथ ही कुछ प्रबंधकों ने बताया कि बुनियादी समस्याएं हैं जिनका हल वह नहीं निकाल सके हैं। टीम ने लायंस स्कूल, डैफोडिल्स, सरला सराफ, वर्धमान पब्लिक स्कूल, नेशनल कांवेंट, एसएन पब्लिक स्कूल, सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर व संस्कार पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत हुए पव्रवेश की जानकारी ली। एक विद्यालय के प्रबंधक ने कहा कि जो बच्चे एकदम गरीब तबके से आते हैं। उनका प्रवेश तो ले लिया जाता है लेकिन घर में पठन- पाठन का माहौल न होने से वह पढ़ नहीं पाते। साथ ही कुछ बच्चे गंदी आदतों के शिकार होते हैं जिसका असर कक्षा के अन्य बच्चों पर पड़ता है। इससे अन्य बच्चों के भी अनुशासनहीन होने का भय होता है। इस पर टीम ने कहा कि वे बच्चों को प्रवेश देकर उनके साथ अन्य बच्चों की ही तरह व्यवहार करें। वे बच्चे भी धीरे- धीरे अन्य बच्चों से घुलमिल जाएंगे। डीसी कम्युनिटी चंद्रशेखर आजाद ने टीम को जानकारी दी कि इस बार पांच हजार से अधिक गरीब बच्चों का प्रवेश निजी विद्यालयों में कराया गया है।
उधर, मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन ने गुरुवार को सिटी ब्लाक के आधा दर्जन विद्यालयों का निरीक्षण किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भेंवर करमनपुर में लंबे समय से अनुपस्थित चल रही एक शिक्षिका की जांच का निर्देश खंड शिक्षाधिकारी को दिया।
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सीडीओ ने जब भेंवर करमनपुर का निरीक्षण किया तो उस समय तीन अध्यापिकाएं अनुपस्थित थीं। उसमें एक शिक्षिका रेखा सिंह काफी समय से अनुपस्थित थी। बताया गया कि उसकी सेवा समाप्त हो चुकी है। सीडीओ ने जांच का निर्देश दिया। इसी प्रकार मुल्हवां में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का संविलयन हो चुका है। वहां के एक अध्यापक को एमडीएम का चार्ज देने का निर्देश दिया। इसके अलावा चपउर में भी विद्यालय का निरीक्षण किया। अध्यापकों को समय से आने व पठन- पाठन की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया।
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मंगलवार से जिले में वर्तिका श्रीवास्तव व मुकेश कुमार की दो सदस्यीय टीम परिषदीय विद्यालयों में संचालित विभिन्न योजनाओं के संचालन व आरटीई के तहत प्रवेश की हकीकत की जानकारी ले रही है। गुरुवार को जब वह राइट टू एजुकेशन के तहत गरीब बच्चों के निजी विद्यालयों में प्रवेश की हकीकत जानने गई तो प्रवेश शत प्रतिशत पाए गए। इसके साथ ही कुछ प्रबंधकों ने बताया कि बुनियादी समस्याएं हैं जिनका हल वह नहीं निकाल सके हैं। टीम ने लायंस स्कूल, डैफोडिल्स, सरला सराफ, वर्धमान पब्लिक स्कूल, नेशनल कांवेंट, एसएन पब्लिक स्कूल, सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर व संस्कार पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत हुए पव्रवेश की जानकारी ली। एक विद्यालय के प्रबंधक ने कहा कि जो बच्चे एकदम गरीब तबके से आते हैं। उनका प्रवेश तो ले लिया जाता है लेकिन घर में पठन- पाठन का माहौल न होने से वह पढ़ नहीं पाते। साथ ही कुछ बच्चे गंदी आदतों के शिकार होते हैं जिसका असर कक्षा के अन्य बच्चों पर पड़ता है। इससे अन्य बच्चों के भी अनुशासनहीन होने का भय होता है। इस पर टीम ने कहा कि वे बच्चों को प्रवेश देकर उनके साथ अन्य बच्चों की ही तरह व्यवहार करें। वे बच्चे भी धीरे- धीरे अन्य बच्चों से घुलमिल जाएंगे। डीसी कम्युनिटी चंद्रशेखर आजाद ने टीम को जानकारी दी कि इस बार पांच हजार से अधिक गरीब बच्चों का प्रवेश निजी विद्यालयों में कराया गया है।
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उधर, मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन ने गुरुवार को सिटी ब्लाक के आधा दर्जन विद्यालयों का निरीक्षण किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भेंवर करमनपुर में लंबे समय से अनुपस्थित चल रही एक शिक्षिका की जांच का निर्देश खंड शिक्षाधिकारी को दिया।
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सीडीओ ने जब भेंवर करमनपुर का निरीक्षण किया तो उस समय तीन अध्यापिकाएं अनुपस्थित थीं। उसमें एक शिक्षिका रेखा सिंह काफी समय से अनुपस्थित थी। बताया गया कि उसकी सेवा समाप्त हो चुकी है। सीडीओ ने जांच का निर्देश दिया। इसी प्रकार मुल्हवां में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का संविलयन हो चुका है। वहां के एक अध्यापक को एमडीएम का चार्ज देने का निर्देश दिया। इसके अलावा चपउर में भी विद्यालय का निरीक्षण किया। अध्यापकों को समय से आने व पठन- पाठन की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया।