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मां के दर पर जुटे श्रद्धालु
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Wed, 11 Nov 2015 12:40 AM IST
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विंध्याचल दरबार में मंगलवार को मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
मंदिर पहुंचे भक्तों ने देवी धाम में शीश नवा कर सुख-समृद्घि के लिए कामना किया।
विंध्यधाम क्षेत्र की सातों गलियां माता के जयकारे से गूंजती रही, वहीं मंदिर में भोर से देर रात तक दर्शन-पूजन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी, जो देर रात तक अनवरत जारी रही।
मां के दर्शन करने को कतार में खड़े नर-नारी व बच्चे मां का जयघोष करते धीरे-धीरे पावन विंध्य दरबार की तरफ बढ़े चले जा रहे थे।
मंदिर पहुंचने पर भक्तजनों द्वारा मां का गुड़हल, गुलाब, कमल पुष्प से किया गया दिव्य श्रृंगार दर्शन पाकर भावविभोर हो उठे।
मंदिर की छत पर मुंडन संस्कार कराने वाले परिवार के लोगों का जमघट लगा रहा, वहीं बड़ी संख्या में साधक कतार में बैठ विधि-विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आदिशक्ति की आराधना करने में तल्लीन दिखे।
घंटा-घड़ियाल, शंख एवं जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा था।
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मंदिर पहुंचे भक्तों ने देवी धाम में शीश नवा कर सुख-समृद्घि के लिए कामना किया।
विंध्यधाम क्षेत्र की सातों गलियां माता के जयकारे से गूंजती रही, वहीं मंदिर में भोर से देर रात तक दर्शन-पूजन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी, जो देर रात तक अनवरत जारी रही।
मां के दर्शन करने को कतार में खड़े नर-नारी व बच्चे मां का जयघोष करते धीरे-धीरे पावन विंध्य दरबार की तरफ बढ़े चले जा रहे थे।
मंदिर पहुंचने पर भक्तजनों द्वारा मां का गुड़हल, गुलाब, कमल पुष्प से किया गया दिव्य श्रृंगार दर्शन पाकर भावविभोर हो उठे।
मंदिर की छत पर मुंडन संस्कार कराने वाले परिवार के लोगों का जमघट लगा रहा, वहीं बड़ी संख्या में साधक कतार में बैठ विधि-विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आदिशक्ति की आराधना करने में तल्लीन दिखे।
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घंटा-घड़ियाल, शंख एवं जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा था।