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चुनरी पुरानी होने पर टूटा रिश्ता, बिन दुल्हन के बैरंग लौटी बारात
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जिगना। चुनरी पुरानी होने और दूल्हा पक्ष की ओर से तागपाट न लाने पर शादी रस्म के बीच में ही विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। घरातियों ने बरात में आए लोगों को बंधक बना लिया। तिलक में दिया गया धन और खर्च की मांग की। इस बीच किसी ने थाने जाकर दूल्हा समेत बरातियों को बंधक बनाए जाने की सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर दूल्हा पक्ष ने कुछ पैसे दिए और बाकी का देने के लिए समय मांगा। अंतत: 150 किमी से आई बरात लौट गई।
यह घटना जिगना थाना क्षेत्र के एक गांव की है। बुधवार की रात को प्रतापगढ़ से एक बारात आई। बरातियों का स्वागत व द्वारापूजा, जयमाल की रस्म पूरी की गई। जब मंडप में वर पक्ष चढ़ावा लेकर गया तो उसमें तागपाट न होने और चुनरी पुरानी होने पर दुल्हन पक्ष ने ऐतराज जताया। इस पर दोनों पक्ष में विवाद होने लगा। विवाद गहराने पर दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। दुल्हन पक्ष ने वर पक्ष के लोगों को बंधक बना लिया। अपने खर्चे व तिलक आदि के सामान की मांग करने लगा। गुरुवार की सुबह पांच बजे कुछ बराती जिगना थाने गए और घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बंधक बनाए गए लोगों को मुक्त कराया और थाने लेकर पहुंची। समझौता कराने का प्रयास किया। पर दोनों पक्ष मानने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पंचायत शुरू हुई। वर पक्ष को एक लाख 10 हजार रुपये व तिलक के सामान वापस देने की मांग की गई। वर पक्ष द्वारा 30 हजार रुपये नगद देकर 80 हजार रुपये व तिलक के सामान देने का मौका मांगा। पंचायत ने यह भी तय किया कि जो भी जेवरात व कपड़ा वरपक्ष लाया था, वह कन्या पक्ष के पास रहेगा। वैचारिक विवाद के कारण शादी नहीं हो सकी। 150 किमी दूर से बरात लेकर आया दूल्हा बिना दुल्हन के ही वापस चला गया। तागपाट व पुरानी चुनरी के चलते विवाह न होना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रभारी निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों में वैचारिक सहमति न बन पाने के कारण शादी नहीं हो पाई। लोग समझौता करके अपने-अपने खर्च का हिसाब करके चले गए।
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यह घटना जिगना थाना क्षेत्र के एक गांव की है। बुधवार की रात को प्रतापगढ़ से एक बारात आई। बरातियों का स्वागत व द्वारापूजा, जयमाल की रस्म पूरी की गई। जब मंडप में वर पक्ष चढ़ावा लेकर गया तो उसमें तागपाट न होने और चुनरी पुरानी होने पर दुल्हन पक्ष ने ऐतराज जताया। इस पर दोनों पक्ष में विवाद होने लगा। विवाद गहराने पर दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। दुल्हन पक्ष ने वर पक्ष के लोगों को बंधक बना लिया। अपने खर्चे व तिलक आदि के सामान की मांग करने लगा। गुरुवार की सुबह पांच बजे कुछ बराती जिगना थाने गए और घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बंधक बनाए गए लोगों को मुक्त कराया और थाने लेकर पहुंची। समझौता कराने का प्रयास किया। पर दोनों पक्ष मानने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पंचायत शुरू हुई। वर पक्ष को एक लाख 10 हजार रुपये व तिलक के सामान वापस देने की मांग की गई। वर पक्ष द्वारा 30 हजार रुपये नगद देकर 80 हजार रुपये व तिलक के सामान देने का मौका मांगा। पंचायत ने यह भी तय किया कि जो भी जेवरात व कपड़ा वरपक्ष लाया था, वह कन्या पक्ष के पास रहेगा। वैचारिक विवाद के कारण शादी नहीं हो सकी। 150 किमी दूर से बरात लेकर आया दूल्हा बिना दुल्हन के ही वापस चला गया। तागपाट व पुरानी चुनरी के चलते विवाह न होना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रभारी निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों में वैचारिक सहमति न बन पाने के कारण शादी नहीं हो पाई। लोग समझौता करके अपने-अपने खर्च का हिसाब करके चले गए।
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