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Mirzapur News: गिट्टी 800 बालू 1000 रुपये महंगी, निर्माण लागत बढ़ी
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रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर नयेपुरवा में सड़क के किनारे बिक्री के लिए पड़ा गिट्टी-बालू।-संवाद।
मिर्जापुर। बारिश ने भवन निर्माण सामग्री के बाजार का गणित बिगाड़ दिया है। सीमेंट और सरिया के भाव भले ही नीचे आए हों, लेकिन खनन बंद होने से गिट्टी और बालू की आवक बुरी तरह प्रभावित है। बाजार में पहले से डंप सीमित स्टॉक से काम चल रहा है। ऐसे में मांग बढ़ने के साथ गिट्टी-बालू के दाम लगातार उछल रहे हैं। इसका सीधा असर मकान बनवा रहे लोगों की जेब पर पड़ रहा है। खासकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास बनवाने वाले गरीब परिवारों के सामने निर्माण पूरा करना चुनौती बन गया है।
व्यापारियों के अनुसार बारिश के कारण खनन कार्य प्रभावित होने के साथ बाहर से आने वाली निर्माण सामग्री की ढुलाई भी महंगी हो गई है। सीमित स्टॉक और बढ़ी लागत का असर सीधे बाजार भाव पर दिखाई दे रहा है। व्यापारी रोहित ने बताया कि बारिश से पहले 80 फीट बालू करीब 4500 रुपये में मिल रही थी, जो अब बढ़कर 5200 से 5500 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह गिट्टी का भाव 5000 से बढ़कर 5800 रुपये प्रति ट्राली हो गया है। ईंट व्यापारी गग्गू के मुताबिक ईंट के दाम भी 13500 से बढ़कर 15000 रुपये हो गए हैं। वहीं सीमेंट और सरिया के बाजार में तस्वीर अलग है। व्यापारियों अनिल कुमार और भरतलाल गुप्ता के अनुसार बारिश के कारण निर्माण कार्य धीमा पड़ने से इनकी मांग घटी है। इसके चलते सरिया का भाव 68 से घटकर 60 रुपये प्रति किलो और सीमेंट का भाव 400 से घटकर 360 रुपये प्रति बोरी हो गया है। सीमेंट पर एक बोरी में करीब 40 रुपये की गिरावट आई है।
गरीबों के आशियाने पर सबसे ज्यादा असर
निर्माण सामग्री के दामों में यह उतार-चढ़ाव उन परिवारों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा कर रहा है, गांवों में इन दिनों मुख्यमंत्री आवास का निर्माण चल रहा है। जो सीमित बजट में अपना आशियाना तैयार कर रहे हैं। गिट्टी, बालू और ईंट महंगी होने से निर्माण लागत बढ़ गई है। जिससे ऐसे लोगों का आसियाना बनवाना महंगा पड़ रहा है। बारिश के कारण काम की रफ्तार भी धीमी है। मौसम साफ होने और खनन शुरू होने तक निर्माण सामग्री के दामों में राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
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व्यापारियों के अनुसार बारिश के कारण खनन कार्य प्रभावित होने के साथ बाहर से आने वाली निर्माण सामग्री की ढुलाई भी महंगी हो गई है। सीमित स्टॉक और बढ़ी लागत का असर सीधे बाजार भाव पर दिखाई दे रहा है। व्यापारी रोहित ने बताया कि बारिश से पहले 80 फीट बालू करीब 4500 रुपये में मिल रही थी, जो अब बढ़कर 5200 से 5500 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह गिट्टी का भाव 5000 से बढ़कर 5800 रुपये प्रति ट्राली हो गया है। ईंट व्यापारी गग्गू के मुताबिक ईंट के दाम भी 13500 से बढ़कर 15000 रुपये हो गए हैं। वहीं सीमेंट और सरिया के बाजार में तस्वीर अलग है। व्यापारियों अनिल कुमार और भरतलाल गुप्ता के अनुसार बारिश के कारण निर्माण कार्य धीमा पड़ने से इनकी मांग घटी है। इसके चलते सरिया का भाव 68 से घटकर 60 रुपये प्रति किलो और सीमेंट का भाव 400 से घटकर 360 रुपये प्रति बोरी हो गया है। सीमेंट पर एक बोरी में करीब 40 रुपये की गिरावट आई है।
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गरीबों के आशियाने पर सबसे ज्यादा असर
निर्माण सामग्री के दामों में यह उतार-चढ़ाव उन परिवारों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा कर रहा है, गांवों में इन दिनों मुख्यमंत्री आवास का निर्माण चल रहा है। जो सीमित बजट में अपना आशियाना तैयार कर रहे हैं। गिट्टी, बालू और ईंट महंगी होने से निर्माण लागत बढ़ गई है। जिससे ऐसे लोगों का आसियाना बनवाना महंगा पड़ रहा है। बारिश के कारण काम की रफ्तार भी धीमी है। मौसम साफ होने और खनन शुरू होने तक निर्माण सामग्री के दामों में राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
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