{"_id":"6aa1ba89ac812f7eee07218a","slug":"complete-unfinished-mp-fund-projects-by-october-15-commissioner-mirzapur-news-c-192-1-mrz1001-160917-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद निधि के अधूरे कार्य 15 अक्तूबर तक पूरे करें : कमिश्नर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद निधि के अधूरे कार्य 15 अक्तूबर तक पूरे करें : कमिश्नर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड्स) के अधूरे कार्यों को 15 अक्तूबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के सभी लंबित कार्यों को समय सीमा में पूरा कर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा। मंडलायुक्त ने कार्यों में देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
यह निर्देश मंडलायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में सांसद के प्रस्तावों की स्वीकृति और कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर चर्चा हुई।
निर्माण संस्थाओं को पहली किस्त की धनराशि समय पर जारी न किए जाने पर भी बात हुई। मंडल के तीनों जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और परियोजना निदेशक डीआरडीए को निर्देश दिए गए। उन्हें सांसद से प्रस्ताव मिलने के 45 दिनों के भीतर कार्य स्वीकृत करने को कहा गया। स्वीकृति के तीन माह के अंदर कार्य शुरू कराकर पहली किस्त जारी करने का भी निर्देश दिया गया।
विज्ञापन
सभी कार्यों को एक वर्ष के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। मंडलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्माण संस्थाओं के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक करने का भी निर्देश दिया।
विज्ञापन
मिर्जापुर। मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड्स) के अधूरे कार्यों को 15 अक्तूबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के सभी लंबित कार्यों को समय सीमा में पूरा कर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा। मंडलायुक्त ने कार्यों में देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
यह निर्देश मंडलायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में सांसद के प्रस्तावों की स्वीकृति और कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
निर्माण संस्थाओं को पहली किस्त की धनराशि समय पर जारी न किए जाने पर भी बात हुई। मंडल के तीनों जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और परियोजना निदेशक डीआरडीए को निर्देश दिए गए। उन्हें सांसद से प्रस्ताव मिलने के 45 दिनों के भीतर कार्य स्वीकृत करने को कहा गया। स्वीकृति के तीन माह के अंदर कार्य शुरू कराकर पहली किस्त जारी करने का भी निर्देश दिया गया।
विज्ञापन
सभी कार्यों को एक वर्ष के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। मंडलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्माण संस्थाओं के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक करने का भी निर्देश दिया।