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शरद पूर्णिमा पर विंध्य धाम में उमड़े श्रद्धालु

Wed, 28 Oct 2015 12:50 AM IST
संवाददाता विंध्याचल।
संवाददाता विंध्याचल। Updated Wed, 28 Oct 2015 12:50 AM IST
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Maa vindya wasini worshipped on sharad poornima
शरद पूर्णिमा पर मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के लिए मंगलवार भोर से ही श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। आस्थावानों की भारी भीड़ के चलते विंध्य की समस्त गलियों में तिल रखने की भी जगह नहीं थी। गंगा घाटों पर स्नान-ध्यान करने वालों का रेला लगा रहा।
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पुष्पों से मां का किया गया भव्य श्रृंगार दर्शन पाकर भक्तजन अभिभूत हो उठे। जगत जननी की भव्य आरती के समय घंटा-घड़ियाल, शंख व मां के जयघोष से संपूर्ण धाम देवीमय हो रहा था।
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पूर्णिमा पर जगत जननी आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी देवी के पावन धाम में देश के कोने कोने से पहुंचे श्रद्घालुओं ने मंगलकामना की। क्या छोटे, क्या बड़े सभी श्रद्घा भाव से मां के भव्य स्वरूप का दर्शन पाने के लिए लालायित दिखाई पड़े। गंगा में डुबकी लगाने के बाद भक्त माला-फूल नारियल-चुनरी, रोरी-रक्षा, लाचीदाना-कपूर आदि लेकर मंदिर पहुंचे, जहां जगत जननी के दिव्य स्वरूप का दर्शन पाकर निहाल हो उठे।
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सुबह से ही विंध्य की गलियों में श्रद्घालुओं की लंबी कतार लगी रही। श्रद्घालु हाथ में प्रसाद आदि लिए नंगे पांव मां का जयकारा लगाते विंध्यधाम की तरफ चले जा रहे थे। मां का दर्शन-पूजन के बाद भक्तों ने मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में पहुंच कर मत्था टेका। मंदिर की छत पर जहां एक ओर साधकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्यार बीच अनुष्ठान पूजन होता रहा, वहीं दूसरी ओर मुंडन संस्कार का भी दौर देर तक चला।

 मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा की। पहाड़ पर विराजमान मां काली और मां अष्टभुजा देवी के पावन धाम में शीश नवाने के बाद भक्तों ने पहाड़ पर स्थित अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर पूजन-अर्चन किया। श्रद्घालुओं की भारी भीड़ के चलते सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

राघव आश्रम में मानस पाठ का हुआ शुभारंभ विंध्याचल। जनकल्याण को लेकर अमरावती चौराहे के समीप राघव आश्रम में शरद पूर्णिमा पर अखंड मानस पाठ व अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। अखंड पाठ का समापन 25 नवंबर को पूर्णाहुति के साथ होगा। कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन रामचरित मानस पाठ सहित ओम शांति पाठ किया जाएगा।


 रामचरित मानस का अखंड पाठ पं. अजय महाराज जी द्वारा संपादित कराया जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हो रहे पूजन-अर्चन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो रहा है। पं. अजय महाराज जी ने बताया कि आश्रम परिसर में 27 नवंबर  को विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
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