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Mirzapur News: शास्त्री पुल पर लोड टेस्टिंग का काम पूरा, सात घंटे बंद रहा आवागमन
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मिर्जापुर/चील्ह। शास्त्री पुल की मरम्मत के लिए बृहस्पतिवार को लोड टेस्टिंग का कार्य किया गया। इसके चलते पुल पर सात घंटे तक आवागमन बंद रहा। पुल बंद होने की जानकारी पहले होने से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई, परंतु दूरदराज के लोग जानकारी के अभाव में पहुंच कर फंसे रहे। शाम को आवागमन शुरू होने के बाद गंतव्य की ओर रवाना हुए। पुल पर चार ट्रकों को खड़ा कराकर उनकी जांच की गई। जांच में फौरी तौर पर कोई विशेष समस्या नहीं मिली है। दो दिन बाद जांच रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट के आधार पर पुल की मरम्मत की जाएगी।
लुुम्बिनी-दुद्धी राज्य मार्ग पर गंगा नदी पर निर्मित शास्त्री पुल में खराबी आने पर मार्च 2020 में मरम्मत के लिए आठ करोड़ दो लाख रुपये जारी किए गए थे। इसमें से पांच करोड़ 78 लाख 73 हजार रुपये से पिलर में कार्बन रैपिंग, बीम और बेयरिंग के कार्य कराए गए। ढाई वर्ष तक आवागमन के बाद पुल में फिर खराबी आ गई। इसके बाद पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई। इसके बाद शास्त्री पुल की मरम्मत के लिए सात करोड़ 48 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई। पुल की मरम्मत का कार्य बुधवार से शुरू हो गया। बृहस्पतिवार को लोड टेस्टिंग की जानी थी। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रविशंकर उपाध्याय के निर्देशन में बीएचयू आईआईटी के सिविल विभाग के हेड केके पाठक ने अपने दो सहयोगियों ईशान झा और सुधीर पटेल के साथ पुल पर लोड टेस्टिंग की जांच की।
जांच के दौरान पुल के ऊपर 25-25 टन के चार ट्रकों को खड़ा कराया गया। इसके लिए सुबह 10 बजे से पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया था। शाम पांच बजे तक जांच करने के बाद पुल को आवागमन के लिए खोला गया। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने बताया कि सामान लदे ट्रक को खड़ा करने के बाद पुल के नीचे डायल गेज लगाया गया। इसके बाद बीएचयू की टीम ने जांच की। टीम ने बताया कि जांच के दौरान फौरी तौर पर कोई विशेष समस्या नहीं हुई। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट के आधार पर पुल की मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे।
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उधर, लोड टेस्टिंग का काम पूरा होने के बाद शाम पांच बजे पुल को आवागमन के लिए खोल दिया गया। लोड टेस्टिंग के दौरान मरम्मत करने वाली कंपनी के गोपाल राय, सेतु निगम के कंसल्टेंट के रूप में तैनात कंपनी के डायरेक्टर एके शुक्ला, सहायक अभियंता रियाज अहमद आदि मौजूद रहे।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने बताया कि पुल की मरम्मत सात करोड़ 48 लाख रुपये से की जानी है। बजट स्वीकृृत हो गया है। दो लाख रुपये मिल गए हैं। पुल की मरम्मत का कार्य मुंबई की संस्था कर रही है। बुधवार से ही पुल की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। तीन माह तक पुल की मरम्मत के कार्य किए जाएंगे। इसके लिए पुल को बंद नहीं किया जाएगा। तीन माह बाद फिर लोड टेस्टिंग होगी। उस दौरान पुल को दिन फिर बंद किया जाएगा। उधर, पुल पर लोड टेस्टिंग के दौरान आवागमन बंद होने के कारण दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर पुलिस तैनात रही। यातायात पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। पुल पर यातायात न होने की जानकारी स्थानीय लोगों को थी। इसलिए आस-पास के स्कूलों में छुट्टी थी। स्थानीय लोगों को परेशानी नहीं हुई। बाहर से आए लोग ही जानकारी के अभाव में फंसे रहे। वे पुल से आवागमन शुरू होने का इंतजार करते रहे। जिनको जानकारी थी, उन लोगों ने आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग किया।
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लुुम्बिनी-दुद्धी राज्य मार्ग पर गंगा नदी पर निर्मित शास्त्री पुल में खराबी आने पर मार्च 2020 में मरम्मत के लिए आठ करोड़ दो लाख रुपये जारी किए गए थे। इसमें से पांच करोड़ 78 लाख 73 हजार रुपये से पिलर में कार्बन रैपिंग, बीम और बेयरिंग के कार्य कराए गए। ढाई वर्ष तक आवागमन के बाद पुल में फिर खराबी आ गई। इसके बाद पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई। इसके बाद शास्त्री पुल की मरम्मत के लिए सात करोड़ 48 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई। पुल की मरम्मत का कार्य बुधवार से शुरू हो गया। बृहस्पतिवार को लोड टेस्टिंग की जानी थी। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रविशंकर उपाध्याय के निर्देशन में बीएचयू आईआईटी के सिविल विभाग के हेड केके पाठक ने अपने दो सहयोगियों ईशान झा और सुधीर पटेल के साथ पुल पर लोड टेस्टिंग की जांच की।
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जांच के दौरान पुल के ऊपर 25-25 टन के चार ट्रकों को खड़ा कराया गया। इसके लिए सुबह 10 बजे से पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया था। शाम पांच बजे तक जांच करने के बाद पुल को आवागमन के लिए खोला गया। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने बताया कि सामान लदे ट्रक को खड़ा करने के बाद पुल के नीचे डायल गेज लगाया गया। इसके बाद बीएचयू की टीम ने जांच की। टीम ने बताया कि जांच के दौरान फौरी तौर पर कोई विशेष समस्या नहीं हुई। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट के आधार पर पुल की मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे।
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उधर, लोड टेस्टिंग का काम पूरा होने के बाद शाम पांच बजे पुल को आवागमन के लिए खोल दिया गया। लोड टेस्टिंग के दौरान मरम्मत करने वाली कंपनी के गोपाल राय, सेतु निगम के कंसल्टेंट के रूप में तैनात कंपनी के डायरेक्टर एके शुक्ला, सहायक अभियंता रियाज अहमद आदि मौजूद रहे।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने बताया कि पुल की मरम्मत सात करोड़ 48 लाख रुपये से की जानी है। बजट स्वीकृृत हो गया है। दो लाख रुपये मिल गए हैं। पुल की मरम्मत का कार्य मुंबई की संस्था कर रही है। बुधवार से ही पुल की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। तीन माह तक पुल की मरम्मत के कार्य किए जाएंगे। इसके लिए पुल को बंद नहीं किया जाएगा। तीन माह बाद फिर लोड टेस्टिंग होगी। उस दौरान पुल को दिन फिर बंद किया जाएगा। उधर, पुल पर लोड टेस्टिंग के दौरान आवागमन बंद होने के कारण दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर पुलिस तैनात रही। यातायात पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। पुल पर यातायात न होने की जानकारी स्थानीय लोगों को थी। इसलिए आस-पास के स्कूलों में छुट्टी थी। स्थानीय लोगों को परेशानी नहीं हुई। बाहर से आए लोग ही जानकारी के अभाव में फंसे रहे। वे पुल से आवागमन शुरू होने का इंतजार करते रहे। जिनको जानकारी थी, उन लोगों ने आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग किया।