जयकारे से गूंजा माई का दरबार
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भोर में तीन से चार बजे तक मां विंध्यवासिनी की भव्य मंगला आरती के बाद से दर्शन-पूजन का दौर शुरू हो गया, जो अनवरत चलता रहा। मां की आरती के समय कपाट बंद होने पर कतार में खड़े श्रद्घालु अपनी जगह पर बैठकर कपाट खुलने का इंतजार करते नजर आए। विंध्य दरबार में देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन-पूजन कर मंगलकामना की। देवीधाम जाने वाली विंध्य की समस्त गलियां पूरे दिन आस्थावानों से पटी रहीं। गंगा घाटों पर स्नान करने के बाद पूजा की डलिया में लिए भक्त मंदिर पहुंचे। भक्तजन नंगे पांव अपनी बारी की प्रतीक्षा में गलियों में कतारबद्ध खड़े रहे।
विंध्याचल मंदिर परिसर में विराजमान मां काली, मां लक्ष्मी, मां दुर्गा, मां सरस्वती, मां शीतला सहित दक्षिणमुखी हनुमान, श्री पंचमुखी महादेव, राधा कृष्ण, बटुक भैरव का भी पूजन किया गया। मंदिर के छत पर मुंडन व जनेऊ संस्कार का दौर चलता रहा, वहीं जगह-जगह बैठ कर महिला-पुुरुष साधक मां की साधना करने में तल्लीन दिखे। फूल-पत्तियों सहित रंग-बिरंगे झालरों से विंध्य दरबार की सजावट
एक अलौकिक छटा बिखेर रही थी। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस व पीएसी के जवान, स्काउट-गाइड एवं श्री विंध्य पंडा समाज के लोग मुस्तैदी से डटे रहे। मेला प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश ने बताया कि शाम तक तीन लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किया। मंदिर परिसर सुबह से देर रात तक भक्तों से पटा रहा।
मोतीझील मार्ग स्थित माता, अमर सिंह फैंस एसोसिएशन की ओर से चल रहे भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा स्थल पर आयोजित भजन संध्या और वृद्धाश्रम में श्री शतचंडी महायज्ञ किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में दूकानें भी सज गई हैं।