हलिया। मनरेेगा कार्य में आरसीसी के स्थान पर पटिया का बोर्ड लगाने की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर बुधवार को जांच टीम पहुंची। जांच टीम में शामिल अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी राजेश सिंह, एके श्रीवास्तव एग्रीकल्चर, सियाराम सहायक लेखा अधिकारी भटवारी स्थित नर्सरी पहुंच कर जांच पड़ताल में जुट गए। वहीं टीम मौके के बजाय दो घंटे बीडीओ कार्यालय में बैठी रही इसपर काफी चर्चा रही। विकास खंड में वर्ष 2007 से वर्ष 2010 तक मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। जांच अभी तक मुकाम पर नहीं पहुंची कि ताजा मामला भटपुरवा ग्राम पंचायत में सामने आया है। जहां कागज पर वर्ष 2020-21 में मनरेगा से चकबंध मार्ग व नाली निर्माण दिखाते हुए बोर्ड लगाकर इसका 2.24 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया है। लगाए गए बोर्ड में नाली निर्माण कार्य में 765 व चकबंध निर्माण कार्य में 355 सृजित मानव दिवस दिखाया गया है। भटपुरवा में वर्ष 2020 में मनरेगा के तहत चकरोड निर्माण व नाली निर्माण कार्य धरातल पर तो नही दिखाई दे रहा है, लेकिन कागज व शिलापट्ट चमक रहा है। शिलापट्ट लगाए जाने के बाद ग्रामीणों में मनरेगा योजनांतर्गत ग्राम पंचायत की ओेर से कराए गए कार्यों में धांधली की खूब चर्चा की जा रही है। साइन बोर्ड पर ग्रामीणों की नजर पड़ी तो हैरान रह गए भटपुरवा ग्राम पंचायत निवासी राम लली चौरसिया, छोटे लाल मौर्य, राम कृष्ण मौर्य, जित्तू लाल ने बताया कि हाल ही में वर्ष 2020 में मनरेगा योजनांतर्गत ग्राम पंचायत में बिना कार्य कराए ही साइन बोर्ड लगवाया गया है। ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत वर्ष 2020 में इंटरलाकिंग, नाली निर्माण, आदि कार्यों में धांधली की गई है ग्रामीणों का कहना है कि इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मनरेगा कार्य के अलावा शौचालय निर्माण, सोलर लाइट के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल किया गया है। जिसकी उच्चाधिकारियों द्वारा निष्पक्षता से जांच की जाए तो हकीकत सामने आ जाएगा।